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शिशुपाल की आत्मा कृष्ण में क्यों मिली?

संक्षिप्त उत्तर

शिशुपाल जय का अंतिम श्रापित जन्म था, इसलिए मृत्यु पर उसकी ज्योति कृष्ण में समाई।

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विस्तृत उत्तर

शिशुपाल की मृत्यु के समय उसके शरीर से निकली ज्योति भगवान कृष्ण में समाती दिखाई दी। इसका कारण यह था कि वह कोई सामान्य शत्रु नहीं, बल्कि वैकुण्ठ द्वारपाल जय का तीसरा श्रापित जन्म था। उसने जीवन भर कृष्ण से द्वेष किया, लेकिन उसी द्वेष के कारण उसका मन लगातार कृष्ण में लगा रहा। इसे वैर-भाव से स्मरण कहा जाता है। बाहरी रूप से वह शत्रु था, पर मृत्यु के बाद उसका श्राप समाप्त हुआ और वह भगवान के धाम लौटने योग्य हो गया।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शिशुपाल की आत्मा कृष्ण में क्यों मिली को संदर्भ सहित समझें

शिशुपाल की आत्मा कृष्ण में क्यों मिली का सबसे सीधा सार यह है: शिशुपाल जय का अंतिम श्रापित जन्म था, इसलिए मृत्यु पर उसकी ज्योति कृष्ण में समाई।

लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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