विस्तृत उत्तर
विवाह में आ रहे विलंब, कुंडली दोष या अन्य अड़चनों को दूर करने के लिए सनातन धर्म में कन्याओं और बालकों (पुरुषों) के लिए अलग-अलग शास्त्रोक्त मंत्रों का विधान है, जो अत्यंत शीघ्र फल देते हैं।
अविवाहित कन्याओं के लिए माता कात्यायनी का मंत्र—'कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥' सर्वोत्तम है। गोपियों ने भी कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए यही जप किया था। वहीं, विवाह योग्य पुरुषों के लिए माता दुर्गा की सप्तशती का मंत्र—'पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥' अचूक माना गया है। इन मंत्रों का प्रतिदिन शाम के समय लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से 108 बार जप करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।





