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तंत्र हवन प्रश्नोत्तर — 3 प्रश्न

तंत्र हवन से जुड़े 3 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3 प्रश्न

तंत्र में त्रिकोण-वर्गाकार-गोल कुंड किस कार्य के लिए है?

त्रिकोण: शक्ति/देवी (उग्र)। वर्गाकार: शिव/सामान्य (शांति — सर्वप्रचलित)। गोलाकार: विष्णु (धन/पूर्णता)। अर्धचंद्र: चंद्र (शीतलता)। षट्कोण/अष्टकोण: विशेष। योनि: शक्ति।

कुंडत्रिकोणवर्ग
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तंत्र में आहुति कैसे दें और कितनी देनी चाहिए?

दाहिने हाथ (अंगूठा+मध्यमा+अनामिका) → मंत्र → 'स्वाहा' → अग्नि। दशांश (जप÷10): सवा लाख→12,500। सामान्य: 108। पूर्णाहुति: नारियल+घी+गुड़+मेवा।

आहुतिकैसेकितनी
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तंत्र में हवन सामग्री किस मंत्र साधना के लिए अलग होती है?

शिव: बेलपत्र/धतूरा। देवी: लाल चंदन/कमलगट्टे/केसर। लक्ष्मी: कमलगट्टे/केसर। गणेश: मोदक/दूर्वा। विष्णु: तुलसी। काली: गुड़। सर्वसाधारण: घी+तिल+जौ+आम समिधा।

हवनसामग्रीअलग
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तंत्र हवन — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर तंत्र हवन श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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तंत्र हवन को गहराई से समझने का तरीका

तंत्र हवन प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।