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उपासना का फल प्रश्नोत्तर — 6 प्रश्न

उपासना का फल से जुड़े 6 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 6 प्रश्न

स्कंद पुराण के अनुसार कुक्कुटेश्वर शिवलिंग की पूजा से गर्भ-वास (पुनर्जन्म) से मुक्ति कैसे मिलती है?

यह लिंग अण्डाकार है जो सृष्टि के मूल का प्रतीक है। इसकी पूजा से साधक जन्म के रहस्य को जानकर पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाता है और उसे पुनः गर्भ-वास (जन्म) का कष्ट नहीं सहना पड़ता।

पुनर्जन्म मुक्तिगर्भ-वास मुक्तिसायुज्य मोक्ष
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स्कंद पुराण के अनुसार पिंगलेश्वर शिवलिंग की पूजा और दान के क्या फायदे (फल) हैं?

यहाँ दर्शन से जन्म-जन्मांतर के पाप भस्म होते हैं और पितरों को प्रेत-योनि से मुक्ति मिलती है। यह तारक ज्ञान प्रदान कर जीव को आवागमन के चक्र से मुक्त करता है और शिव-सायुज्य (मोक्ष) देता है।

मोक्ष प्राप्तिपाप क्षयपितृ शांति
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नंदीशेनेश्वर शिवलिंग के दर्शन और दान के क्या फायदे (फल) हैं?

इसके दर्शन और अभिषेक मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और साधक मृत्यु के पश्चात 'शिवलोक' प्राप्त करता है। पूजा के बाद गोदान या अन्न-दान करने से योग-साधना निर्विघ्न पूर्ण होती है।

शिवलोक प्राप्तिदान विधानपाप नाश
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स्कंद पुराण के अनुसार नंदीवन स्थित सोमानंदीश्वर लिंग के दर्शन और आराधना का क्या फल प्राप्त होता है?

स्कंद पुराण के अनुसार इसके दर्शन और आराधना से 'सौ गायों के दान' (शत-गोदान) के समान पुण्य प्राप्त होता है। साधक लौकिक सुख भोगकर अंततः सोमलोक (चंद्रलोक) के सर्वोच्च आनंद को प्राप्त करता है।

सोमलोक की प्राप्तिउपासना का फलशत गोदान
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स्कंद पुराण के अनुसार महोदरेश्वर शिवलिंग के दर्शन और साधना का अंतिम फल (मोक्ष) क्या है?

स्कंद पुराण (काशी खण्ड) के अनुसार जो साधक महोदरेश्वर के दर्शन और साधना करता है, वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है और उसे पुनः किसी माता के गर्भ में प्रवेश नहीं करना पड़ता (सायुज्य मुक्ति)।

मोक्ष प्राप्तिस्कंद पुराण फल-श्रुतिसायुज्य मुक्ति
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दारा नगर, काशी स्थित सिद्ध महाकालेश्वर शिवलिंग की उपासना और धन्वंतरि कूप के जल का क्या फल प्राप्त होता है?

उपासना से अकाल मृत्यु से रक्षा, संपूर्ण विश्व की पूजा का फल और मनोकामनाओं की त्वरित पूर्ति होती है। धन्वंतरि कूप का जल सभी व्याधियों का समूल नाश करता है, तथा अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाकालेश्वर उपासना फलधन्वंतरि कूपअकाल मृत्यु रक्षा
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उपासना का फल — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर उपासना का फल श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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उपासना का फल को गहराई से समझने का तरीका

उपासना का फल प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

6 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।