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नियम और निषेध प्रश्नोत्तर — 26 प्रश्न

नियम और निषेध से जुड़े 26 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 26 प्रश्न

मकर संक्रांति का व्रत कौन कर सकता है?

भविष्य पुराण: ब्राह्मणों से लेकर शूद्रों तक — सभी वर्ण, आयु और लिंग के लोगों को मकर संक्रांति व्रत का पूर्ण अधिकार। क्षमतानुसार मंत्र-सहित या बिना मंत्र। महिलाएँ: सुहाग-सामग्री, कुमकुम, हल्दी, अन्न का दान।

व्रत पात्रताभविष्य पुराणसभी वर्ण
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मकर संक्रांति पर दान में क्या नहीं देना चाहिए?

मकर संक्रांति पर दान में वर्जित: बासी या जूठा अन्न, पुराने/फटे-पुराने वस्त्र, काले वस्त्र। दान हमेशा शुद्ध नवान्न (नया अन्न) और उपयोग योग्य उत्तम वस्तुओं का ही करें।

दान निषेधबासी अन्नपुराने वस्त्र
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मकर संक्रांति पर किसी का अपमान क्यों नहीं करना चाहिए?

मकर संक्रांति पर: किसी असहाय, निर्धन, अनाथ या भिक्षुक का अपमान न करें। कठोर वचन बोलने से संक्रांति का संचित पुण्य तत्काल नष्ट हो जाता है।

अपमान निषेधकटु वचनसंचित पुण्य नष्ट
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मकर संक्रांति पर पेड़-पौधे क्यों नहीं काटने चाहिए?

मकर संक्रांति पर पेड़-पौधों की पत्तियाँ तोड़ना, वृक्ष काटना या फसल अकारण काटना = अशुभ। कारण: यह प्रकृति के प्रति सम्मान का दिन है।

पेड़ काटना निषेधप्रकृति सम्मानवृक्ष छेदन
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मकर संक्रांति पर दांत साफ करने का क्या नियम है?

मकर संक्रांति पर दंतधावन नियम: दातुन (पेड़ की टहनी) चबाकर दांत साफ करना — निषिद्ध। मुख शुद्धि केवल जल या जड़ी-बूटियों के कुल्ले से करें।

दंतधावन निषेधदातुनमुख शुद्धि
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मकर संक्रांति पर क्या नहीं खाना चाहिए?

धर्मसिंधु, निर्णयसिंधु: मकर संक्रांति पर पूर्णतः वर्जित — लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा, अंडे, सिगरेट और तम्बाकू। यह तपस्या का दिन है और तामसिक आहार सबसे बड़ी बाधा।

मकर संक्रांति आहार निषेधतामसिक भोजनलहसुन प्याज मांस
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वसंत पंचमी व्रत का पारण कैसे करें?

वसंत पंचमी व्रत पारण: अगले दिन (षष्ठी को) सूर्योदय के बाद सात्त्विक भोजन करें और माता को अर्पित किए गए बेर (Jujube) के फल का सेवन करें। व्रत में: फलाहार (फल, कुट्टू)।

व्रत पारणबेर फलसूर्योदय
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वसंत पंचमी पर वाणी की शुद्धि क्यों जरूरी है?

देवी सरस्वती = वाणी की अधिष्ठात्री। इस दिन कटु वचन, अपशब्द, किसी का अपमान या असत्य = साक्षात् वाग्देवी का अपमान। वाक्-शुद्धि = वसंत पंचमी व्रत का सबसे महत्वपूर्ण अदृश्य नियम।

वाक् शुद्धिवाग्देवी अपमानकटु वचन
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वसंत पंचमी पर बाल और नाखून क्यों नहीं काटने चाहिए?

वसंत पंचमी = प्रकृति के नवजीवन और वृद्धि का दिन। इस मंगलकारी दिन पर बाल या नाखून काटना = अपशकुन और वृद्धि में बाधक माना जाता है।

बाल नाखूनकेश कर्तन निषेधवृद्धि बाधक
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वसंत पंचमी पर क्या नहीं खाना चाहिए?

वसंत पंचमी पर वर्जित: प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा और भारी भोजन। कारण: तामसिक आहार = आलस्य और मन में अशुद्ध वृत्तियाँ — सरस्वती साधना के विपरीत। व्रत में: फल और कुट्टू। पारण: अगले दिन सूर्योदय के बाद सात्त्विक भोजन + बेर (Jujube) खाकर।

वसंत पंचमी आहार निषेधतामसिक भोजनप्याज लहसुन
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वसंत पंचमी पर पढ़ाई क्यों नहीं करते?

अनध्याय = वसंत पंचमी पर पढ़ाई वर्जित। कारण: पुस्तकें और कलम पूजा वेदी पर माँ सरस्वती के विग्रह रूप में समर्पित — उन्हें उठाना अनुचित। यह उपकरणों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का नियम है। अपवाद: जरूरी परीक्षा हो तो पूजा के बाद माता से मानसिक आज्ञा लेकर।

अनध्यायपढ़ाई निषेधपुस्तक पूजन
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एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे करें?

एकादशी पारण: द्वादशी को प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में। पद्म पुराण: पारण में आँवला और बेर अवश्य खाएं — उच्छिष्ट दोष मिटता है। स्वतः गिरे तुलसी पत्ते का सेवन कर व्रत पूर्ण।

एकादशी पारणद्वादशीआँवला बेर
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तुलसी विवाह में क्या नहीं खाना चाहिए?

एकादशी/तुलसी विवाह में वर्जित: चावल, मसूर दाल, लहसुन, प्याज, गाजर, मूली, दुबारा पका भोजन और बैंगन। इस दिन सात्विक भोजन, खीर और पूड़ी का भोग श्रेष्ठ।

एकादशी आहार निषेधचावललहसुन प्याज
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एकादशी को तुलसी पत्र क्यों नहीं तोड़ते?

एकादशी, द्वादशी, संक्रांति, रविवार और ग्रहण पर तुलसी पत्र तोड़ना निषिद्ध। समाधान: एक दिन पहले (दशमी) को तोड़कर रख लें। तुलसी पत्र 11 दिन तक बासी नहीं — गंगाजल से धोकर पुनः उपयोग कर सकते हैं।

एकादशी तुलसी पत्रनिषेधदशमी को तोड़ें
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विश्वकर्मा पूजा में गाड़ी की पूजा क्यों करते हैं?

विश्वकर्मा = देवताओं के शिल्पी और यंत्रों के अधिष्ठात्री देवता। उनकी पूजा से यांत्रिक स्थिरता और 'शिल्पी दोष' (खराबियों) का निवारण होता है। प्रतिवर्ष विश्वकर्मा जयंती पर वाहन पूजा अनिवार्य।

विश्वकर्मा पूजायांत्रिक स्थिरताशिल्पी दोष
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गाड़ी में मांस-मदिरा क्यों नहीं लेनी चाहिए?

गाड़ी में मांस-मदिरा = सात्विक सुरक्षा कवच भंग। पूजन में स्थापित दैवीय ऊर्जा तामसिक पदार्थों से निष्क्रिय हो जाती है। व्यावहारिक कारण: मद्यपान करके चालन = दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण।

गाड़ी मांस मदिरासुरक्षा कवच भंगतामसिक
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वाहन पूजन के बाद क्या नहीं करना चाहिए?

वाहन पूजन के बाद निषेध: (1) वाहन में मद्यपान/मांसाहार — सुरक्षा कवच भंग, (2) क्रोध/अपशब्द से चालन — दुर्घटना का कारण। नियम: मंदिर से पहली यात्रा, स्वच्छता, विश्वकर्मा पूजा।

वाहन पूजन नियमनिषेधसुरक्षा कवच
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क्या संकष्टी चतुर्थी पर चाँद देखना मना है?

नहीं, संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) पर चाँद देखना और उसे अर्घ्य देना बहुत शुभ और अनिवार्य है। केवल गणेश चतुर्थी (भाद्रपद शुक्ल पक्ष) को चाँद देखना मना होता है।

चंद्र दर्शनभ्रांतिकृष्ण पक्ष
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गणेश जी की पूजा में तुलसी क्यों नहीं चढ़ाते?

गणेश पुराण के अनुसार विवाह प्रस्ताव ठुकराए जाने के कारण हुए विवाद में गणेश जी ने तुलसी को शाप दिया था। इसलिए गणेश पूजा में तुलसी चढ़ाना बिल्कुल मना है।

तुलसी निषेधगणेश पुराणशाप
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शिव जी को केतकी और चंपा का फूल क्यों नहीं चढ़ाते?

केतकी ने झूठी गवाही दी थी और चंपा को श्राप मिला था, इसलिए शिव जी की पूजा में इन दोनों फूलों का इस्तेमाल बिल्कुल मना है।

केतकी निषेधचंपा निषेधश्राप
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शिवलिंग पर हल्दी और कुमकुम क्यों नहीं लगाते?

शिव जी वैरागी और योगी हैं, जबकि हल्दी-कुमकुम सौंदर्य के प्रतीक हैं। इसलिए ये शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते; शिव जी को केवल भस्म प्रिय है।

हल्दी निषेधकुमकुमशिव पूजा नियम
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पूर्णिमा के व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?

सभी अनाज (गेहूं, चावल), दालें, प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा, बैंगन और लौकी नहीं खानी चाहिए। मसूर की दाल खाना शास्त्रों में सख्त मना है।

वर्जित भोजनअनाज निषेधतामसिक भोजन
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अमावस्या के दिन पति-पत्नी को ब्रह्मचर्य का पालन क्यों करना चाहिए?

यह दिन पितरों (पूर्वजों) का होता है। शरीर और मन पर चंद्रमा का प्रभाव नहीं होता। इसलिए इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए, अन्यथा संतान कमजोर हो सकती है।

ब्रह्मचर्यमैथुन निषेधचंद्रमा का प्रभाव
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अमावस्या पर तेल क्यों नहीं लगाना चाहिए?

अमावस्या के दिन शरीर पर तेल लगाने से धन और स्वास्थ्य का नुकसान होता है। हालांकि, अगर इस दिन दीपावली हो तो तेल लगाने की छूट होती है।

तेल लगाना निषेधवैज्ञानिक कारणमुहूर्त चिंतामणि
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अमावस्या के दिन बाल और नाखून क्यों नहीं काटने चाहिए?

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के दिन बाल या नाखून काटना बहुत अशुभ माना जाता है और ऐसा करने से मनुष्य की आयु कम होती है।

बाल काटना वर्जितक्षौर कर्मअशुभ
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नियम और निषेध — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर नियम और निषेध श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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नियम और निषेध को गहराई से समझने का तरीका

नियम और निषेध प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

26 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।