विस्तृत उत्तर
समय-समय पर 'विश्वकर्मा पूजा' करना वाहन स्वामी का एक महत्वपूर्ण कर्तव्य माना गया है।
विश्वकर्मा देव को देवताओं का शिल्पी और यंत्रों का अधिष्ठात्री देवता माना गया है। उनकी पूजा से यांत्रिक स्थिरता आती है और 'शिल्पी दोष' (यांत्रिक खराबियों) का निवारण होता है।
प्रतिवर्ष विश्वकर्मा जयंती (प्रायः १७ सितंबर) पर कारखानों, वाहनों और यंत्रों की पूजा की परंपरा इसी शास्त्रीय मान्यता पर आधारित है। यह पूजन वाहन को दीर्घकाल तक सुचारू रखने का एक आध्यात्मिक उपाय है।





