विस्तृत उत्तर
धर्मशास्त्रों और महाभारत के अनुशासन पर्व के अनुसार, अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण 'पर्व' के दिन क्षौर कर्म (बाल या नाखून काटना) पूर्णतः वर्जित है। अमावस्या के दिन शरीर के किसी भी अंग को शरीर से अलग करना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करने से मनुष्य की आयु क्षीण (कम) होती है।





