विस्तृत उत्तर
केतकी ने भगवान ब्रह्मा के पक्ष में झूठी गवाही दी थी, जिससे क्रोधित होकर शिव ने उसे अपनी पूजा से बहिष्कृत कर दिया था। चंपा के फूल को नारद मुनि ने श्राप दिया था क्योंकि उसने एक दुष्ट ब्राह्मण की सहायता की थी। इन दोनों फूलों को शिव पूजा में चढ़ाने से पूजा का फल नष्ट हो जाता है।





