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पर्व पूजा प्रश्नोत्तर — 4 प्रश्न

पर्व पूजा से जुड़े 4 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 4 प्रश्न

महाशिवरात्रि की पूजा कैसे करें?

महाशिवरात्रि में रात को चार प्रहर की पूजा करें — प्रथम प्रहर दूध, द्वितीय दही, तृतीय घी, चतुर्थ शहद से अभिषेक। प्रत्येक प्रहर बेलपत्र, 'ॐ नमः शिवाय' जप और आरती। पूरी रात जागरण। अगले दिन प्रातः पारण।

महाशिवरात्रिचतुर्प्रहर पूजाजागरण
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गणेश चतुर्थी पूजा कैसे करें?

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करें। 10 दिन प्रतिदिन 21 दूर्वा, 21 मोदक, सिंदूर अर्पण, गणपति अथर्वशीर्ष पाठ और आरती करें। चतुर्थी पर चंद्रमा न देखें। अनंत चतुर्दशी को विसर्जन करें।

गणेश चतुर्थीविनायक चतुर्थीपर्व पूजा
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दीपावली पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें?

दीपावली पर स्थिर लग्न में प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें। घर साफ करें, रंगोली बनाएं, 16 दीप जलाएं, श्री सूक्त पाठ करें, 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप करें और कुबेर पूजन भी करें।

दीपावलीलक्ष्मी पूजादीपावली विधि
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महाशिवरात्रि की पूजा कैसे करें?

महाशिवरात्रि पर रात के चारों पहर में जल, दूध, दही और घी से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा अर्पण और 'ॐ नमः शिवाय' जप के साथ रात भर जागरण करें। अगले दिन स्नान के बाद व्रत का पारण करें।

महाशिवरात्रिपूजा विधिचतुर्प्रहर
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पर्व पूजा — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर पर्व पूजा श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

पर्व पूजा को गहराई से समझने का तरीका

पर्व पूजा प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

4 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।