ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

ज्योतिष दोष एवं उपाय प्रश्नोत्तर — 42 प्रश्न

ज्योतिष दोष एवं उपाय से जुड़े 42 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 42 प्रश्न

ज्योतिष में दशा अंतर्दशा अर्थ

दशा=ग्रह शासनकाल (विंशोत्तरी 120 वर्ष)। शनि=19, राहु=18, बुध=17, गुरु=16, शुक्र=20 वर्ष। महादशा>अंतर्दशा>प्रत्यंतर्दशा। शुभ ग्रह=अच्छा; अशुभ=कठिनाई।

दशाअंतर्दशाविंशोत्तरी
पूरा उत्तर पढ़ें →

लाल किताब और वैदिक ज्योतिष अंतर

लाल किताब=आधुनिक/सरल/घरेलू/विवादित। वैदिक=प्राचीन/शास्त्रीय/मंत्र-हवन। लाल किताब: हस्तरेखा+कुंडली; वैदिक: जन्म कुंडली+दशा। दोनों प्रचलित।

लाल किताबवैदिकअंतर
पूरा उत्तर पढ़ें →

लाल किताब राहु दोष निवारण

लाल किताब राहु: चांदी गेंद, काला कुत्ता रोटी, नारियल प्रवाहित, जौ/सरसों बहते पानी, नीला/काला दान। सरल/घरेलू। शास्त्रीय प्रामाणिकता विवादित।

लाल किताबराहुनिवारण
पूरा उत्तर पढ़ें →

27 नक्षत्रों के नाम और स्वामी ग्रह

27 नक्षत्र = 9 ग्रह × 3 each। अश्विनी(केतु), रोहिणी(चंद्र), पुष्य(शनि), मघा(केतु), हस्त(चंद्र), स्वाति(राहु), मूल(केतु), श्रवण(चंद्र), रेवती(बुध)। क्रम: केतु→शुक्र→सूर्य→चंद्र→मंगल→राहु→गुरु→शनि→बुध।

27 नक्षत्रनामस्वामी
पूरा उत्तर पढ़ें →

नवग्रह शांति मंत्र कौन से

9 बीज मंत्र table (सूर्य-ॐ ह्रां, चंद्र-ॐ श्रां, मंगल-ॐ क्रां, बुध-ॐ ब्रां, गुरु-ॐ ग्रां, शुक्र-ॐ द्रां, शनि-ॐ प्रां, राहु-ॐ भ्रां, केतु-ॐ स्रां)। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय/गायत्री।

नवग्रहमंत्रशांति
पूरा उत्तर पढ़ें →

नवग्रह पूजा कैसे करें घर पर सरल विधि

9 ग्रह × 11/108 मंत्र। सूर्य-ॐ सूं, चंद्र-ॐ सों, मंगल-ॐ अं, बुध-ॐ बुं, गुरु-ॐ बृं, शुक्र-ॐ शुं, शनि-ॐ शं, राहु-ॐ रां, केतु-ॐ कें। सरलतम: 9×11=~15-20 min।

नवग्रहपूजाघर
पूरा उत्तर पढ़ें →

पितृ दोष के लक्षण जीवन में

संतान कठिनाई, विवाह बाधा, धन अस्थिर, बीमारी, असफलता, कलह, पितर स्वप्न, सांप दिखना। निवारण: श्राद्ध+गया+तर्पण+कौवा भोजन। ज्योतिषी=सटीक।

पितृ दोषलक्षणजीवन
पूरा उत्तर पढ़ें →

पितृ दोष कुंडली में कैसे दिखता है

9वें भाव में राहु/केतु/शनि; सूर्य पर राहु/शनि; 5वां+9वां दोषपूर्ण। लक्षण: संतान कठिनाई, असफलता, कलह, पितर स्वप्न। निवारण: श्राद्ध/गया/तर्पण।

पितृ दोषकुंडलीपहचान
पूरा उत्तर पढ़ें →

कालसर्प दोष त्र्यम्बकेश्वर में क्यों करवाएं

ज्योतिर्लिंग शक्ति, कुशावर्त (गोदावरी), विशेषज्ञ पंडित, सदियों परंपरा। नागबली 2-3 दिन। विश्वसनीय पंडित+सरकारी दर। विकल्प: स्थानीय शिव मंदिर+पुरोहित।

कालसर्पत्र्यम्बकेश्वरनासिक
पूरा उत्तर पढ़ें →

कालसर्प दोष कितने प्रकार

12 प्रकार (राहु-केतु भाव): अनंत, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग। प्रत्येक=भिन्न प्रभाव। नवीन अवधारणा।

कालसर्पप्रकार12
पूरा उत्तर पढ़ें →

मंगलवार हनुमान पूजा मंगल दोष में कैसे सहायक

हनुमान=मंगल अधिपति → मंगलवार=हनुमान दिवस। पूजा=मंगल नकारात्मकता शमन। सिंदूर+चमेली तेल+चालीसा+लड्डू। विवाह बाधा, शत्रु, कानून=लाभ।

मंगलवारहनुमानमंगल दोष
पूरा उत्तर पढ़ें →

मंगल दोष होने पर विवाह में समस्या

विवाह बाधा/विलंब/कलह (ज्योतिष)। मांगलिक+मांगलिक=cancel। कुंभ विवाह=समाधान। 40-50% मांगलिक=सामान्य; अत्यधिक भय अनुचित। प्रेम>दोष।

मंगल दोषविवाहसमस्या
पूरा उत्तर पढ़ें →

मंगल दोष क्या है कुंडली में कैसे दिखता है

मंगल 1/2/4/7/8/12 भाव=मांगलिक। ~40-50% कुंडली=मांगलिक (सामान्य)। सब हानिकारक नहीं — भाव/राशि/दृष्टि। मेष/वृश्चिक/मकर=दोष कम। अत्यधिक भय अनुचित।

मंगल दोषकुंडलीमांगलिक
पूरा उत्तर पढ़ें →

राहु को प्रसन्न करने की पूजा

दुर्गा पूजा (सर्वोत्तम), राहु काल में दुर्गा मंत्र, 'ॐ रां राहवे नमः', सरस्वती (भ्रम नाश), नागपंचमी। गोमेद, 8 मुखी। सत्य+बुजुर्ग सम्मान।

राहुपूजाप्रसन्न
पूरा उत्तर पढ़ें →

जन्म कुंडली बनवाना जरूरी है क्या

ज्योतिष: विवाह मिलान/दोष/मुहूर्त हेतु उपयोगी — बनवा लें। भक्ति: ईश्वर शरणागति > ग्रह; कर्म > भाग्य। व्यावहारिक: बनवाना = हानि नहीं; निर्भरता = अनुचित।

कुंडलीजन्मपत्रीजरूरी
पूरा उत्तर पढ़ें →

कालसर्प दोष निवारण सबसे प्रभावी पूजा

त्र्यम्बकेश्वर (नासिक) नागबली = सबसे प्रसिद्ध। काल सर्प शांति हवन, रुद्राभिषेक। दैनिक: 'ॐ नमः शिवाय' 108, महामृत्युंजय, रुद्राक्ष। नागपंचमी नाग पूजा। कालसर्प = नवीन अवधारणा; अत्यधिक भय अनुचित।

कालसर्पनिवारणपूजा
पूरा उत्तर पढ़ें →

मूल नक्षत्र में जन्मे बच्चे के लिए कौन सी पूजा

27वें दिन मूल शांति पूजा (पंडित), गणेश पूजा, नवग्रह हवन, महामृत्युंजय, दान। मूल = अशुभ नहीं, शक्तिशाली। कई महान व्यक्ति मूल जन्मे। अत्यधिक भय अनुचित — शांति पूजा कराएं।

मूलनक्षत्रजन्म
पूरा उत्तर पढ़ें →

कुंडली मिलान में नाड़ी दोष क्या है उपाय

वर-वधू समान नाड़ी (आदि/मध्य/अंत्य) = नाड़ी दोष (0/8 — सर्वाधिक गंभीर)। संतान/स्वास्थ्य/कलह। अपवाद अनेक (भिन्न नक्षत्र/चरण)। उपाय: निवारण पूजा, महामृत्युंजय, गोदान। बहुत से सफल विवाह इसके बावजूद।

नाड़ी दोषकुंडलीविवाह
पूरा उत्तर पढ़ें →

मंगल दोष क्या है उपाय

मंगल 1/2/4/7/8/12 भाव = मांगलिक। विवाह बाधा/दांपत्य कलह। उपाय: हनुमान पूजा, 'ॐ अं अंगारकाय नमः', मूंगा, कुंभ विवाह। ~40% कुंडली मांगलिक — सब हानिकारक नहीं। 28 वर्ष बाद कमजोर।

मंगल दोषमांगलिकविवाह
पूरा उत्तर पढ़ें →

कालसर्प दोष कैसे पहचानें कुंडली में

सभी 7 ग्रह राहु-केतु के एक ओर = कालसर्प। 12 प्रकार (भाव अनुसार)। लक्षण: सांप सपने, बाधा, असफलता। ज्योतिषी से जांच। महत्वपूर्ण: प्राचीन ग्रंथों में 'कालसर्प' शब्द नहीं — अपेक्षाकृत नवीन अवधारणा।

कालसर्पदोषपहचान
पूरा उत्तर पढ़ें →

राहु केतु दोष से कैसे बचें

राहु: दुर्गा पूजा, 'ॐ रां राहवे नमः', गोमेद, 8 मुखी रुद्राक्ष। केतु: गणेश पूजा, 'ॐ कें केतवे नमः', लहसुनिया, 9 मुखी। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय + हनुमान + शिव।

राहुकेतुदोष
पूरा उत्तर पढ़ें →

कुंडली मिलान में कितने गुण मिलने चाहिए

36 में से 18+ = विवाह योग्य; 24+ = अच्छा; 30+ = उत्तम। नाड़ी दोष (8 अंक) सबसे गंभीर — 0 हो तो 28+ भी चिंतनीय। गुण संख्या < विशिष्ट दोष। उत्तर = अष्टकूट; दक्षिण = दशकूट।

कुंडली मिलानगुणअष्टकूट
पूरा उत्तर पढ़ें →

कुंडली न मिले तो विवाह करना चाहिए या नहीं

ज्योतिष: कुंडली मिलान महत्वपूर्ण। भक्ति: राम-सीता/शिव-पार्वती = कुंडली नहीं। प्रेम + सम्मान > कुंडली। कुंडली = मार्गदर्शक, अंतिम निर्णय नहीं। दोष हो तो पूजा; अच्छा रिश्ता कुंडली पर न टूटे।

कुंडलीविवाहमिलान
पूरा उत्तर पढ़ें →

शनि साढ़ेसाती में कौन सी पूजा करें

हनुमान पूजा (सर्वप्रभावी), शनि पूजा ('ॐ शं शनैश्चराय नमः'), शिव अभिषेक, पीपल पूजा। दान: काले वस्त्र/तेल/तिल/उड़द। गरीब/वृद्ध सेवा = शनि सबसे प्रसन्न। सदाचार = सर्वोत्तम। साढ़ेसाती सदैव अशुभ नहीं।

शनिसाढ़ेसातीपूजा
पूरा उत्तर पढ़ें →

गुरु चांडाल दोष क्या है उपाय

गुरु+राहु एक भाव = ज्ञान में भ्रम, गुरु विश्वासघात। उपाय: विष्णु पूजा, गुरुवार व्रत, 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः', पुखराज, सत्य + गुरु सम्मान = सबसे प्रभावी।

गुरु चांडालदोषगुरु राहु
पूरा उत्तर पढ़ें →

ज्योतिष दोष एवं उपाय — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर ज्योतिष दोष एवं उपाय श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

ज्योतिष दोष एवं उपाय को गहराई से समझने का तरीका

ज्योतिष दोष एवं उपाय प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

42 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।