विस्तृत उत्तर
नाड़ी दोष = अष्टकूट में सबसे गंभीर दोष (8 अंक — सर्वाधिक)।
क्या है: तीन नाड़ियां — आदि (वात), मध्य (पित्त), अंत्य (कफ)। वर-वधू की नाड़ी समान = नाड़ी दोष (0/8 अंक)।
प्रभाव (ज्योतिष): संतान कठिनाई, स्वास्थ्य समस्या, वैवाहिक कलह, तलाक (गंभीर)।
अपवाद (दोष नहीं लगता)
- ▸वर-वधू = एक ही राशि, परंतु भिन्न नक्षत्र।
- ▸वर-वधू = एक ही नक्षत्र, भिन्न चरण।
- ▸कुछ विशिष्ट नक्षत्र संयोग।
उपाय
- 1नाड़ी दोष निवारण पूजा/हवन (पंडित से)।
- 2महामृत्युंजय मंत्र 1,25,000 बार जप।
- 3गोदान।
- 4सोने का नाग दान (कुछ परंपरा)।
- 5विष्णु/लक्ष्मी पूजा।
व्यावहारिक: नाड़ी दोष = ज्योतिषीय मान्यता। बहुत से सफल विवाह नाड़ी दोष के बावजूद हुए हैं। अपवाद देखें; ज्योतिषी से विस्तृत कुंडली विश्लेषण अनिवार्य।





