विस्तृत उत्तर
मंगल दोष (मांगलिक दोष) = कुंडली में मंगल ग्रह 1, 2, 4, 7, 8, 12 भाव में हो।
प्रभाव: विवाह में बाधा/विलंब, दांपत्य कलह, पति/पत्नी स्वास्थ्य चिंता। 'मांगलिक' व्यक्ति का विवाह मांगलिक से ही शुभ (ज्योतिष मान्यता)।
उपाय
- 1मंगल पूजा — मंगलवार; 'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108 बार।
- 2हनुमान पूजा — हनुमान = मंगल देवता; हनुमान चालीसा मंगलवार।
- 3मूंगा (Red Coral) — मंगल रत्न; अनामिका (ज्योतिषी से)।
- 4कुंभ विवाह — विवाह पूर्व पीपल/केले/विष्णु मूर्ति से कुंभ विवाह = मांगलिक दोष शांत।
- 5मंगल नवग्रह हवन।
- 628 वर्ष बाद — कुछ ज्योतिषी: 28 वर्ष बाद मंगल दोष स्वतः कमजोर।
स्पष्टीकरण: ~40% कुंडलियों में मंगल दोष = बहुत सामान्य। सभी मंगल दोष = हानिकारक नहीं; भाव/राशि/अन्य ग्रह = प्रभाव बदलते हैं। ज्योतिषी विश्लेषण अनिवार्य। अत्यधिक भय अनुचित।





