विशिष्ट व्रतअंगारकी संकष्टी चतुर्थी क्या होती है?मंगलवार के दिन पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहते हैं। यह व्रत 108 संकष्टी व्रतों के बराबर फल देता है और मंगल दोष व कर्ज से मुक्ति दिलाता है।#अंगारकी चतुर्थी#मंगलवार#मंगल दोष
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगलवार हनुमान पूजा मंगल दोष में कैसे सहायकहनुमान=मंगल अधिपति → मंगलवार=हनुमान दिवस। पूजा=मंगल नकारात्मकता शमन। सिंदूर+चमेली तेल+चालीसा+लड्डू। विवाह बाधा, शत्रु, कानून=लाभ।#मंगलवार#हनुमान#मंगल दोष
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष निवारण पूजाहनुमान चालीसा (प्रतिदिन=पर्याप्त), 'ॐ अं अंगारकाय नमः', सुंदरकांड, कुंभ विवाह। मूंगा, 3 मुखी। लाल दान मंगलवार। हनुमान=मंगल देवता।#मंगल दोष#निवारण#पूजा
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष होने पर विवाह में समस्याविवाह बाधा/विलंब/कलह (ज्योतिष)। मांगलिक+मांगलिक=cancel। कुंभ विवाह=समाधान। 40-50% मांगलिक=सामान्य; अत्यधिक भय अनुचित। प्रेम>दोष।#मंगल दोष#विवाह#समस्या
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष क्या है कुंडली में कैसे दिखता हैमंगल 1/2/4/7/8/12 भाव=मांगलिक। ~40-50% कुंडली=मांगलिक (सामान्य)। सब हानिकारक नहीं — भाव/राशि/दृष्टि। मेष/वृश्चिक/मकर=दोष कम। अत्यधिक भय अनुचित।#मंगल दोष#कुंडली#मांगलिक
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष क्या है उपायमंगल 1/2/4/7/8/12 भाव = मांगलिक। विवाह बाधा/दांपत्य कलह। उपाय: हनुमान पूजा, 'ॐ अं अंगारकाय नमः', मूंगा, कुंभ विवाह। ~40% कुंडली मांगलिक — सब हानिकारक नहीं। 28 वर्ष बाद कमजोर।#मंगल दोष#मांगलिक#विवाह
ग्रह दोष शांतिमांगलिक दोष शांति पूजा कैसे करें?मांगलिक दोष शांति: ज्योतिषीय पुष्टि → मंगलवार → मंगल यंत्र स्थापना → 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' 10000 जप → खैर समिधा से हवन → कुंभ विवाह (विशेष) → हनुमान पूजा → लाल वस्तु दान। उज्जैन मंगलनाथ भात पूजा सर्वश्रेष्ठ।#मांगलिक दोष#मंगल दोष#कुजा दोष
तंत्र साधनातंत्र में कुंडली दोष निवारण कैसे किया जाता है?कुंडली दोष तांत्रिक निवारण: मंगल दोष — हनुमान चालीसा + मंगल मंत्र। काल सर्प — नागबलि + राहु-केतु मंत्र। शनि — शनि मंत्र 23,000 + हनुमान चालीसा। पितृ — तर्पण + श्राद्ध। सर्वदोष — नवग्रह यंत्र + रुद्राभिषेक। योग्य ज्योतिषी से परामर्श अनिवार्य।#कुंडली दोष#ग्रह शांति#मंगल दोष