विस्तृत उत्तर
गुरु चांडाल दोष = कुंडली या गोचर में गुरु (बृहस्पति) और राहु एक ही भाव/राशि में।
प्रभाव: गुरु = ज्ञान, धर्म, गुरु; राहु = भ्रम, छल। दोनों साथ = ज्ञान में भ्रम, गुरु से विश्वासघात, धार्मिक भटकाव, शिक्षा बाधा, संतान कठिनाई।
उपाय
- 1विष्णु पूजा — 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108 बार।
- 2गुरुवार व्रत + पीला दान (हल्दी, केला, पीले वस्त्र)।
- 3गुरु मंत्र: 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः'।
- 4पुखराज (Yellow Sapphire — ज्योतिषी से)।
- 5गंगा स्नान + विष्णु सहस्रनाम।
- 6सत्य बोलें, गुरुजनों का सम्मान = सबसे प्रभावी।





