विस्तृत उत्तर
पितृ दोष = पितरों (पूर्वजों) की अतृप्ति से कुंडली में दोष।
कुंडली में संकेत
- 19वें भाव में राहु/केतु/शनि = प्रमुख संकेत (9वां=पितृ भाव)।
- 2सूर्य पर राहु/केतु/शनि दृष्टि/युति = पितृ दोष (सूर्य=पिता)।
- 3चंद्र पर शनि/राहु = माता पक्ष पितृ दोष।
- 45वां भाव (संतान) अशुभ + 9वां भाव दोषपूर्ण = पितृ दोष।
जीवन लक्षण (Q894): संतान कठिनाई, बार-बार असफलता, पारिवारिक कलह, आर्थिक अस्थिरता, स्वप्न में पितर।
निवारण: पितृपक्ष श्राद्ध, गया पिंडदान, तिल-जल तर्पण, कौवों को भोजन। ज्योतिषी विश्लेषण अनिवार्य।





