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कुंडली से जुड़े सभी प्रश्न(17)

कुंडली पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 17 प्रश्न उपलब्ध हैं।

कुंडली ज्ञान

कुंडली में संन्यास योग कैसे दिखता है?

4+ ग्रह एक भाव, शनि+चंद्र(विरक्ति), केतु 1/9/12(मोक्ष), गुरु+केतु(ज्ञान+वैराग्य), 12वाँ शुभ। संन्यास योग≠संन्यास अनिवार्य — आध्यात्मिक रुचि/ध्यान प्रवृत्ति।

#संन्यास योग#वैराग्य#कुंडली
कुंडली ज्ञान

कुंडली में राजयोग कैसे देखें?

केंद्र(1,4,7,10)+त्रिकोण(1,5,9) स्वामी संबंध=पाराशरी राजयोग। गजकेसरी=गुरु+चंद्र केंद्र। नीच भंग=नीच ग्रह+स्वामी देखे। विपरीत=6/8/12। धन=1,2,5,9,11। फल=दशा+बल पर निर्भर। ⚠️ ज्योतिषी अनिवार्य — बहुत जटिल, स्वयं निर्णय=भ्रम।

#राजयोग#कुंडली#केंद्र
पितृ ज्ञान

पितृ दोष क्या है और कैसे पहचानें?

पितृ दोष = पितरों की अतृप्ति से कुंडली दोष। कुंडली: 9वें भाव में राहु/केतु/शनि। लक्षण: संतान कष्ट, विवाह बाधा, कलह, आर्थिक कष्ट, सपने में दुखी पितर। निवारण: श्राद्ध, गया पिंडदान, नारायण बलि।

#पितृ दोष#पहचान#कुंडली
रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक करवाने से पितृ दोष दूर होता है या नहीं?

हां — रुद्राभिषेक पितृ दोष निवारण में अत्यंत प्रभावशाली (शिव पुराण/ज्योतिष शास्त्र)। विशेष: श्राद्ध पक्ष/अमावस्या पर कराएं। तिल मिश्रित जल + महामृत्युंजय मंत्र। कालसर्प, मंगल, शनि दोष भी दूर होते हैं। श्राद्ध/तर्पण भी साथ करें।

#पितृ दोष#रुद्राभिषेक#कुंडली
कुंडली ज्ञान

नीच भंग राजयोग कैसे बनता है?

नीच ग्रह+राशि स्वामी देखे/केंद्र/उच्च युति/शुभ दृष्टि=नीचता भंग→राजयोग। रंक→राजा, प्रतिकूलता→उत्कर्ष। Self-made सफल लोगों में। ⚠️ जटिल — ज्योतिषी पुष्टि।

#नीच भंग#राजयोग#कुंडली
दैनिक पूजा में धातु

तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देने से क्या होता है?

तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देने से कुंडली में सूर्य, चंद्र और मंगल की स्थिति मजबूत होती है और घर से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

#सूर्य अर्घ्य#तांबा#कुंडली
चन्द्रमा और चन्द्रदोष

चन्द्रदोष क्या होता है?

चन्द्रदोष तब होता है जब चन्द्रमा कुंडली में नीच राशि में, अमावस्या के निकट क्षीण, या शनि/राहु/केतु के साथ हो — इससे भय, चिंता, अस्थिरता और अवसाद जैसे मानसिक कष्ट होते हैं।

#चन्द्रदोष#कुंडली#नीच राशि
ज्योतिष दोष एवं उपाय

पितृ दोष कुंडली में कैसे दिखता है

9वें भाव में राहु/केतु/शनि; सूर्य पर राहु/शनि; 5वां+9वां दोषपूर्ण। लक्षण: संतान कठिनाई, असफलता, कलह, पितर स्वप्न। निवारण: श्राद्ध/गया/तर्पण।

#पितृ दोष#कुंडली#पहचान
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मंगल दोष क्या है कुंडली में कैसे दिखता है

मंगल 1/2/4/7/8/12 भाव=मांगलिक। ~40-50% कुंडली=मांगलिक (सामान्य)। सब हानिकारक नहीं — भाव/राशि/दृष्टि। मेष/वृश्चिक/मकर=दोष कम। अत्यधिक भय अनुचित।

#मंगल दोष#कुंडली#मांगलिक
ज्योतिष दोष एवं उपाय

जन्म कुंडली बनवाना जरूरी है क्या

ज्योतिष: विवाह मिलान/दोष/मुहूर्त हेतु उपयोगी — बनवा लें। भक्ति: ईश्वर शरणागति > ग्रह; कर्म > भाग्य। व्यावहारिक: बनवाना = हानि नहीं; निर्भरता = अनुचित।

#कुंडली#जन्मपत्री#जरूरी
ज्योतिष दोष एवं उपाय

कुंडली मिलान में नाड़ी दोष क्या है उपाय

वर-वधू समान नाड़ी (आदि/मध्य/अंत्य) = नाड़ी दोष (0/8 — सर्वाधिक गंभीर)। संतान/स्वास्थ्य/कलह। अपवाद अनेक (भिन्न नक्षत्र/चरण)। उपाय: निवारण पूजा, महामृत्युंजय, गोदान। बहुत से सफल विवाह इसके बावजूद।

#नाड़ी दोष#कुंडली#विवाह
ज्योतिष दोष एवं उपाय

कालसर्प दोष कैसे पहचानें कुंडली में

सभी 7 ग्रह राहु-केतु के एक ओर = कालसर्प। 12 प्रकार (भाव अनुसार)। लक्षण: सांप सपने, बाधा, असफलता। ज्योतिषी से जांच। महत्वपूर्ण: प्राचीन ग्रंथों में 'कालसर्प' शब्द नहीं — अपेक्षाकृत नवीन अवधारणा।

#कालसर्प#दोष#पहचान
ज्योतिष दोष एवं उपाय

कुंडली न मिले तो विवाह करना चाहिए या नहीं

ज्योतिष: कुंडली मिलान महत्वपूर्ण। भक्ति: राम-सीता/शिव-पार्वती = कुंडली नहीं। प्रेम + सम्मान > कुंडली। कुंडली = मार्गदर्शक, अंतिम निर्णय नहीं। दोष हो तो पूजा; अच्छा रिश्ता कुंडली पर न टूटे।

#कुंडली#विवाह#मिलान
रत्न

महिलाओं के लिए कौन सा रत्न शुभ

कुंडली अनुसार (लिंग नहीं)। सामान्य प्रचलित: मोती (शांति/सौंदर्य), हीरा (प्रेम), पन्ना (बुद्धि)। बिना कुंडली न पहनें। Universal 'महिला रत्न' नहीं। मोती सबसे सस्ता/सुलभ।

#महिला#रत्न#शुभ
कुंडली ज्ञान

कुंडली में सरकारी नौकरी योग कैसे देखें?

सूर्य मजबूत+10वाँ भाव शुभ=सरकारी। सूर्य+मंगल=सेना/पुलिस, सूर्य+गुरु=शिक्षा/न्याय, सूर्य+बुध=IAS। सूर्य/मंगल/गुरु दशा=संभावना। ⚠️ तैयारी+मेहनत=सबसे जरूरी। कुंडली=संकेत, गारंटी नहीं।

#सरकारी नौकरी#योग#कुंडली
कुंडली ज्ञान

विपरीत राजयोग क्या होता है?

6/8/12 स्वामी अपने/एक-दूसरे भाव=विपरीत राजयोग। 3 प्रकार: हर्ष(6), सरल(8), विमल(12)। कठिनाइयों→अप्रत्याशित सफलता। शत्रु स्वतः नष्ट। संघर्ष पहले, सफलता बाद।

#विपरीत राजयोग#6-8-12#कुंडली
ज्योतिष

राहु दोष क्या है — लक्षण?

राहु अशुभ=अचानक कष्ट, मानसिक भ्रम, बुरे सपने(सर्प), नशा प्रवृत्ति, छल, त्वचा रोग, कालसर्प, अस्थिरता। ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।

#राहु दोष#लक्षण#कुंडली
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