विस्तृत उत्तर
विपरीत राजयोग = 'उल्टा' राजयोग — कठिनाइयों से अप्रत्याशित सफलता।
कैसे बनता: 6, 8, 12 भाव (तीनों दुष्ट/त्रिक भाव) के स्वामी अपने ही भाव में या एक-दूसरे के भाव में या परस्पर दृष्टि/युति।
3 प्रकार
- 1हर्ष विपरीत = 6ठे स्वामी 6/8/12 में।
- 2सरल विपरीत = 8वें स्वामी 6/8/12 में।
- 3विमल विपरीत = 12वें स्वामी 6/8/12 में।
प्रभाव: शत्रुओं पर विजय (बिना प्रयास), कठिनाइयों से सीखकर ऊँचाई, प्रतिकूल परिस्थिति में अप्रत्याशित लाभ, शत्रु स्वतः नष्ट।
विशेषता: यह योग संघर्ष से सफलता देता — बिना संघर्ष नहीं। जीवन पहले कठिन, फिर अचानक सब ठीक।
⚠️ विपरीत राजयोग = दुर्लभ + शक्तिशाली। ज्योतिषी से कुंडली पुष्टि।




