
वृश्चिक राशि 2026 वार्षिक राशिफल: भाग्योदय, त्रिकोण राजयोग और मंत्र सिद्धि का स्वर्णिम वर्ष ! 8. वृश्चिक राशि 2026 वार्षिक राशिफल: भाग्य उदय और त्रिकोण राजयोग | Vrischika Rashifal 2026 8. वृश्चिक राशि : भाग्य का साथ और त्रिकोण संबंध सारांश: वृश्चिक राशि के लिए 2026 भाग्य के द्वार खोलने वाला है। शनि पंचम भाव...
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पंडित अरुण पाठक एवं आचार्य शशि शेखर पाठक. "वृश्चिक राशिफल 2026: भाग्य उदय और त्रिकोण राजयोग !." पौराणिक, 2026. https://pauranik.org/post/vrishchik-rashi-2026-varshik-rashifal-bhagya-uday-trikon-rajyog
वृश्चिक=मंगल। हनुमान चालीसा+सुंदरकांड+मूंगा+कुंभ विवाह। विशेष: महामृत्युंजय+शिव (8वां भाव)। Q887 विस्तार।
वृषभ में 'शनि' अकेला ही 9वें और 10वें घर का मालिक होता है। वृश्चिक में सूर्य और चंद्रमा से यह योग बनता है जिन पर कोई दोष नहीं लगता। इसलिए इनमें यह योग सबसे ताकतवर होता है।
उनकी वृश्चिक लग्न की कुंडली में 9वें घर का मालिक (चंद्रमा) और 10वें घर का मालिक (सूर्य) एक-दूसरे को आमने-सामने से देख रहे हैं, इसी योग ने उन्हें राष्ट्रपति बनाया।
विशाखा 27 नक्षत्रों में षोडश। तुला 20°–वृश्चिक 3°20'। स्वामी बृहस्पति, देवता इन्द्र-अग्नि। प्रतीक तोरण-द्वार। लक्ष्य-प्राप्ति के लिए शुभ। जन्म में उद्देश्यवान, दृढ़, प्रतिस्पर्धी।
अनुराधा 27 नक्षत्रों में सप्तदश। वृश्चिक 3°20'–16°40'। स्वामी शनि, देवता मित्र। प्रतीक खिला कमल। मित्रता-साझेदारी के लिए शुभ। जन्म में मित्रभावी, अनुशासित, भक्तिप्रवण।

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