विस्तृत उत्तर
ज्येष्ठा 27 नक्षत्रों में अष्टादश नक्षत्र है। यह वृश्चिक राशि में 16°40' से 30° तक विस्तृत है।
नाम और प्रतीक — 'ज्येष्ठा' = सबसे बड़ी, ज्येष्ठ। इसका प्रतीक 'गोलाकार तावीज़' (वलय) या 'छाता' है। यह सत्ता, शक्ति और वरिष्ठता का नक्षत्र है।
स्वामी ग्रह — बुध। देवता — इन्द्र (देवराज)।
राशि — वृश्चिक। स्वभाव — राक्षस गण। वर्ण — किसान। तत्व — जल।
चरण — 4 चरण। मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क नवांश में।
मुहूर्त फल — शक्ति-प्रदर्शन, नेतृत्व कार्य, संरक्षण और शत्रु-विजय के लिए अनुकूल।
जन्म-फल — ज्येष्ठा में जन्मे व्यक्ति साहसी, स्वाभिमानी, नेतृत्व-क्षमता वाले और महत्वाकांक्षी होते हैं। ये अपने परिवार और मित्रों की रक्षा करते हैं। तीव्र बुद्धि और तर्कशक्ति इनकी विशेषता है। अहंकार को नियंत्रित रखना आवश्यक है। जीवन में अकेलापन भी महसूस हो सकता है।
स्वास्थ्य — बाहें, कंधे और प्रजनन-तंत्र पर ध्यान दें।
करियर — राजनीति, सेना, प्रशासन, जासूसी और प्रबंधन में सफलता।

