विस्तृत उत्तर
उत्तरभाद्रपद 27 नक्षत्रों में षड्विंश (26वाँ) नक्षत्र है। यह मीन राशि में 3°20' से 16°40' तक विस्तृत है।
नाम और प्रतीक — 'उत्तरभाद्रपद' = दूसरा शुभ पाद। इसका प्रतीक चिह्न 'साँप की जुड़वाँ पिछली पूंछ' या 'खाट के दो पाये' है। यह गहराई, करुणा और मोक्ष का नक्षत्र है।
स्वामी ग्रह — शनि। देवता — अहिर्बुध्न्य (गहरे समुद्र का सर्प, रुद्र का एक रूप)।
राशि — मीन। स्वभाव — मनुष्य गण। वर्ण — क्षत्रिय। तत्व — वायु।
चरण — 4 चरण। सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक नवांश में।
मुहूर्त फल — दीर्घकालीन योजनाएँ, वृद्धावस्था-कल्याण, दान-धर्म, आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष-साधना के लिए अत्यंत शुभ।
जन्म-फल — उत्तरभाद्रपद में जन्मे व्यक्ति शांत, गहरे, ज्ञानी और करुणामय होते हैं। ये धीर-गंभीर और स्थिर स्वभाव के होते हैं — किसी भी परिस्थिति में इनका धैर्य नहीं टूटता। ये वास्तविक ज्ञान के पिपासु होते हैं और सतही बातों में रुचि नहीं लेते। इनका आध्यात्मिक झुकाव गहरा होता है। ये उत्कृष्ट शिक्षक और मार्गदर्शक होते हैं। पारिवारिक जीवन सुखी और शांत रहता है।
स्वास्थ्य — पैर, नसें और प्रतिरक्षा-तंत्र पर ध्यान दें।
करियर — शिक्षण, दर्शन, आध्यात्मिक मार्गदर्शन, चिकित्सा और समाजसेवा में विशेष सफलता।





