विस्तृत उत्तर
धनिष्ठा 27 नक्षत्रों में त्रयोविंश (23वाँ) नक्षत्र है। यह मकर राशि में 23°20' से 30° और कुंभ राशि में 0° से 6°40' तक विस्तृत है। इसे 'श्रविष्ठा' भी कहते हैं।
नाम और प्रतीक — 'धनिष्ठा' = सबसे धनी, प्रसिद्ध। इसका प्रतीक चिह्न 'मृदंग/ढोल' है। यह संगीत, लय, धन और प्रसिद्धि का नक्षत्र है।
स्वामी ग्रह — मंगल। देवता — अष्टवसु (आठ वसु देव)।
राशि — मकर/कुंभ। स्वभाव — राक्षस गण। वर्ण — किसान। तत्व — वायु।
चरण — 4 चरण। पहले दो मकर में (सिंह, कन्या नवांश), अंतिम दो कुंभ में (तुला, वृश्चिक नवांश)।
मुहूर्त फल — संगीत-कार्यक्रम, वाहन, नई परियोजनाएँ और यात्राओं के लिए अनुकूल। विवाह के लिए इस नक्षत्र में मंगलदोष का विशेष विचार किया जाता है।
जन्म-फल — धनिष्ठा में जन्मे व्यक्ति साहसी, उदार, महत्वाकांक्षी और संगीत-प्रेमी होते हैं। ये भौतिक सुख-सुविधाओं को महत्व देते हैं। इनमें नेतृत्व-क्षमता अच्छी होती है। ये सामाजिक रूप से सक्रिय और प्रसिद्ध होते हैं। कभी-कभी अहंकार और स्वार्थ से बचना आवश्यक है। विवाह में देरी या वैवाहिक तनाव हो सकता है।
स्वास्थ्य — टखने, रक्त-संचार और पीठ पर ध्यान दें।
करियर — संगीत, कला, खेल, सेना, प्रशासन और उद्योग में विशेष सफलता।




