ज्योतिष उपायमंगल महादशा में क्या करना चाहिए?7 वर्ष। हनुमान पूजा(मंगलवार), 'ॐ अं अंगारकाय' 108, मूंगा(ज्योतिषी), लाल वस्तु/मसूर/गुड़ दान, सुंदरकांड, क्रोध नियंत्रण(योग)। शुभ=भूमि/साहस/खेल। ऊर्जा=खेल/व्यायाम/सेवा में लगाएँ।#मंगल#महादशा#7 वर्ष
मंत्र विधिमूंगा माला से जप करने का क्या विधान है?मूंगा = मंगल ग्रह। जप: मंगल मंत्र, हनुमान, दुर्गा/काली, गणेश। मंगलवार, लाल वस्त्र, 108 मनके। लाभ: मंगल/मांगलिक शांति, रक्त रोग, शक्ति, साहस। असली मूंगा प्रयोग करें। ज्योतिषी परामर्श।#मूंगा#प्रवाल#माला
माला विधिमूंगा माला पहनने के लाभ?मूंगा माला=मंगल। साहस, मंगल दोष, शत्रु नाश। मंगलवार, मेष/वृश्चिक। क्रोधी न पहने।#मूंगा माला#मंगल
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग६ मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह दोष को दूर करने के लिए पहना जाता है?६ मुखी रुद्राक्ष शुक्र या मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने में सहायक होता है।#6 मुखी#शुक्र#मंगल
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग३ मुखी रुद्राक्ष का देवता और मुख्य फल क्या बताया गया है?३ मुखी रुद्राक्ष अग्नि का स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ क्लीं नमः' है और यह विद्या प्राप्ति व स्त्री-हत्या पाप नाश में सहायक है।#3 मुखी#अग्नि#मंगल
रामचरितमानस — बालकाण्डविवाह के समय कौन-कौन से वाद्ययन्त्र बजे?अनेक प्रकार के — 'बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना' — आकाश में देवताओं के नगाड़े, अप्सराओं का नृत्य-गान, किन्नरों के गीत। पृथ्वी पर शहनाई, ढोल, मंगलवाद्य। 'सकल भुवन भरि रहा उछाहू' — सारे ब्रह्माण्ड में आनन्द।#बालकाण्ड#वाद्य#विवाह
पंचांग एवं ज्योतिषधनिष्ठा नक्षत्र क्या होता है?धनिष्ठा 27 नक्षत्रों में 23वाँ। मकर 23°20'–कुंभ 6°40'। स्वामी मंगल, देवता अष्टवसु। प्रतीक मृदंग। संगीत-वाहन के लिए अनुकूल, विवाह में मंगल-विचार आवश्यक। जन्म में साहसी, उदार, संगीतप्रेमी।#धनिष्ठा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषचित्रा नक्षत्र क्या होता है?चित्रा 27 नक्षत्रों में चतुर्दश। कन्या 23°20'–तुला 6°40'। स्वामी मंगल, देवता विश्वकर्मा। प्रतीक मोती/रत्न। कला-वास्तु-आभूषण के लिए शुभ। जन्म में आकर्षक, रचनात्मक, शिल्पकुशल।#चित्रा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषमृगशिरा नक्षत्र क्या होता है?मृगशिरा 27 नक्षत्रों में पंचम। वृषभ 23°20'–मिथुन 6°40'। स्वामी मंगल, देवता सोम। प्रतीक हिरण-सिर। यात्रा-कला-कृषि के लिए अनुकूल। जन्म में जिज्ञासु, कोमल, बहुमुखी प्रतिभा।#मृगशिरा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
राशि अनुसार उपायवृश्चिक राशि मंगल दोष निवारणवृश्चिक=मंगल। हनुमान चालीसा+सुंदरकांड+मूंगा+कुंभ विवाह। विशेष: महामृत्युंजय+शिव (8वां भाव)। Q887 विस्तार।#वृश्चिक#मंगल#निवारण
राशि अनुसार उपायमेष राशि के लिए शुभ मंत्रमेष=मंगल। "ॐ अं अंगारकाय नमः" 108 (मंगलवार), हनुमान चालीसा (प्रतिदिन=सर्वोत्तम), गायत्री। मूंगा (अनामिका/सोना), 3 मुखी, लाल। हनुमान/कार्तिकेय। लाल दाल/गुड़ दान।#मेष#मंगल#मंत्र
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल शांति मंगलवार उपायमंगलवार: हनुमान चालीसा+'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108+लाल+सिंदूर+चमेली तेल+लड्डू+सुंदरकांड+लाल दान।#मंगल#मंगलवार#उपाय
स्तोत्र एवं पाठमंगल दोष के लिए कौन सा स्तोत्रहनुमान चालीसा (मंगल देवता), 'ॐ अं अंगारकाय नमः', सुंदरकांड (मंगलवार), मंगल स्तोत्र। मूंगा, 3 मुखी। कुंभ विवाह=दोष शांति।#मंगल#दोष#स्तोत्र
दैनिक आचारमंगलवार को लाल रंग पहनने से क्या लाभमंगलवार-लाल = मंगल दोष शमन, साहस/ऊर्जा, हनुमान कृपा, विजय, आत्मविश्वास। हनुमान को लाल प्रिय। मनोविज्ञान: लाल = confidence। ज्योतिष परंपरा।#मंगलवार#लाल#मंगल
वास्तु शास्त्रनए घर में सबसे पहले क्या लेकर प्रवेश करेंनए घर में सबसे पहले: जल कलश (स्वस्तिक सहित), जलता दीपक, अन्न पात्र, पवित्र ग्रंथ और दूध ले जाएं। गाय को पहले प्रवेश कराना सर्वाधिक शुभ है। दाहिने पैर से प्रवेश करें। खाली बर्तन या टूटी वस्तुएं न ले जाएं।#गृह प्रवेश#शुभ सामग्री#परंपरा
दैनिक कर्मनया कार्य शुरू करने से पहले कौन सा मंत्र बोलेंनया कार्य शुरू करने से पहले: गणेश वन्दना — 'वक्रतुण्ड महाकाय... निर्विघ्नं कुरु मे देव'। बीज मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' (11/21 बार)। ज्ञान कार्य हेतु सरस्वती वन्दना। ऋग्वेद: 'ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे'। गणेश प्रथम पूज्य — सभी शुभ कार्य उनकी वन्दना से आरम्भ होते हैं।#शुभारम्भ#गणेश#विघ्न निवारण
रत्न शास्त्रमूंगा रत्न पहनने के लाभ और कैसे पहनें?मूंगा=मंगल। अनामिका, तांबा/चांदी, मंगलवार, 'ॐ अं अंगारकाय नमः'। साहस, मंगल दोष शांति। 21 दिन असर। ज्योतिषी सलाह अनिवार्य।#मूंगा#मंगल#रत्न
ज्योतिषमंगल गायत्री मंत्र का जप मंगल दोष के लिए कैसे करें?'ॐ अंगारकाय विद्महे भूमिपुत्राय धीमहि तन्नो कुजः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' 10,000। मंगलवार, लाल वस्त्र, मूंगा माला। हनुमान पूजा = मंगल शांति। ज्योतिषी से मांगलिक दोष पुष्टि करवाएं।#मंगल#गायत्री#मांगलिक
वार शास्त्रमंगलवार को कौन से काम शुभ?मंगलवार=मंगल+हनुमान। शुभ: हनुमान पूजा, भूमि खरीद, कानूनी, प्रतिस्पर्धा। वर्जित: गृहप्रवेश, विवाह, यात्रा(कुछ)।#मंगलवार#शुभ कार्य#मंगल