विस्तृत उत्तर
नए घर में प्रथम प्रवेश के समय शुभ वस्तुएं लेकर जाना अत्यंत शुभ माना जाता है। गृह्यसूत्रों और परंपरा में इसका विशेष विधान है।
सबसे पहले ले जाने योग्य वस्तुएं (प्राथमिकता क्रम में)
- 1जल कलश (पूर्ण कुंभ) — सर्वप्रथम जल से भरा तांबे या पीतल का कलश ले जाएं। कलश पर स्वस्तिक बनाएं, आम के पत्ते रखें, नारियल रखें। यह पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक है।
- 1ज्योति (दीपक) — जलता हुआ घी का दीपक लेकर प्रवेश करें। यह अंधकार (अज्ञान/नकारात्मकता) दूर करने का प्रतीक है।
- 1गाय और बछड़ा — परंपरागत रूप से गाय को सबसे पहले घर में प्रवेश कराना सबसे शुभ माना जाता है। यदि गाय संभव न हो तो गोमूत्र/गोबर/गोदुग्ध लेकर जाएं।
- 1अन्न/धान्य — चावल, गेहूं या अन्य अनाज से भरा पात्र। कुछ परंपराओं में चावल से भरा बर्तन सबसे पहले रखा जाता है।
- 1पवित्र ग्रंथ — गीता, रामायण या कुल में पूजित ग्रंथ।
- 1दूध का पात्र — दूध उबालने के लिए बर्तन में दूध लेकर प्रवेश करें।
- 1तुलसी का पौधा — यदि संभव हो तो तुलसी का पौधा साथ ले जाएं।
प्रवेश के अन्य शुभ नियम
- 1दाहिने पैर से प्रवेश — गृहस्वामी दाहिने पैर से प्रवेश करें।
- 2गृहिणी प्रथम — कुछ परंपराओं में गृहलक्ष्मी (पत्नी) को पहले प्रवेश कराया जाता है।
- 3शंख ध्वनि — प्रवेश के समय शंख बजाएं।
- 4मंगल गीत — महिलाएं मंगल गीत गाएं।
- 5द्वार पर स्वस्तिक — हल्दी-कुमकुम से स्वस्तिक और ॐ बनाएं।
- 6तोरण — आम के पत्तों और गेंदे के फूलों का तोरण बांधें।
क्या न ले जाएं
- ▸खाली बर्तन, टूटी वस्तुएं, पुरानी झाड़ू, या अशुभ मानी जाने वाली कोई वस्तु।




