विस्तृत उत्तर
विवाह के समय अनेक प्रकार के वाद्ययन्त्र बजे।
चौपाई — 'बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना। सुमनबृष्टि नभ भै बिधि नाना। हर गिरिजा कर भयउ बिबाहू। सकल भुवन भरि रहा उछाहू॥'
अर्थ — अनेकों प्रकारके बाजे बजने लगे। आकाशसे नाना प्रकारके फूलोंकी वर्षा हुई। शिव-पार्वती (राम-सीता) का विवाह हो गया। सारे ब्रह्माण्डमें आनन्द भर गया।
आकाश में देवताओं ने नगाड़े बजाये, अप्सराएँ नाचीं-गायीं, किन्नरों ने रसीले गीत गाये। पृथ्वी पर शहनाई, ढोल, मंजीरा, मृदंग आदि मंगलवाद्य बजे।




