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बालकाण्ड प्रश्नोत्तरी — 321 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित बालकाण्ड विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 321 प्रश्न

गौरी वंदना मंत्र

गौरी वंदना मंत्र किस ग्रंथ से लिया गया है?

गौरी वंदना मंत्र गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के बालकाण्ड में सीता के गौरी वंदना प्रसंग से लिया गया है।

रामचरितमानसबालकाण्डतुलसीदास
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'मंगल करनि कलि मल हरनि तुलसी कथा रघुनाथ की' — इसका अर्थ?

रघुनाथजी की कथा = मंगलकारी + कलियुग के पाप नष्ट करने वाली। बालकाण्ड समापन का छन्द। रामकथा ही कलियुग का सबसे बड़ा साधन।

बालकाण्डमंगल करनिरघुनाथ कथा
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'ढोल गँवार शूद्र पशु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी' — यह चौपाई बालकाण्ड में है या नहीं?

नहीं — बालकाण्ड में नहीं, सुन्दरकाण्ड में है। समुद्र के वचन हैं, भगवान या तुलसीदासजी के नहीं। सन्दर्भ समझना आवश्यक।

बालकाण्डढोल गँवारस्पष्टीकरण
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'भगत हेतु भगवान प्रभु राम धरेउ तनु भूप' — इसका अर्थ?

अर्थ — भक्तों के लिये भगवान ने राजा (मनुष्य) का शरीर धारण किया। भक्त-प्रेम ही अवतार का मूल कारण।

बालकाण्डभगत हेतुराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'एक अनीह अरूप अनामा। अज सच्चिदानंद परधामा' — किसका वर्णन?

परब्रह्म/निर्गुण ब्रह्म — अद्वितीय, इच्छारहित, रूपरहित, नामरहित, अजन्मा, सच्चिदानन्द, परम धाम। वही ब्रह्म रामजी के रूप में अवतार लेते हैं।

बालकाण्डसच्चिदानंदब्रह्म
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा' — अर्थ?

जो राम ने रचा वही होगा, तर्क से क्या? शिवजी ने सतीजी को कहा। शिक्षा — ईश्वर की योजना सर्वोपरि।

बालकाण्डराम रचि राखाभाग्य
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'सीय राममय सब जग जानी। करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी' — किसने कहा और अर्थ?

तुलसीदासजी — मंगलाचरण। सम्पूर्ण जगत सीताराममय जानकर प्रणाम। सबसे प्रसिद्ध दोहा।

बालकाण्डसीय राममयतुलसीदास
रामचरितमानस — बालकाण्ड

विनम्रता की शिक्षा — श्रीरामजी के चरित्र से?

सर्वशक्तिमान पर सबसे विनम्र — गुरु को प्रणाम, परशुराम से मृदु वाणी, माता की आज्ञा मानी। शिक्षा — सच्ची शक्ति विनम्रता में।

बालकाण्डविनम्रताराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

कपट का परिणाम — प्रतापभानु कथा से शिक्षा?

कपटमुनि के जाल में फँसे, ब्राह्मण अपमान, शाप — राक्षस बने। शिक्षा — बुरी संगति = विनाश, अज्ञानतावश पाप भी फलता।

बालकाण्डकपटप्रतापभानु
रामचरितमानस — बालकाण्ड

तपस्या और दृढ़ संकल्प की शिक्षा — पार्वती प्रसंग से?

'जन्म कोटि लगि रगर हमारी' — करोड़ जन्म हठ, सप्तर्षियों की परीक्षा में अडिग। शिक्षा — दृढ़ संकल्प से असम्भव भी सम्भव।

बालकाण्डतपस्यादृढ़ संकल्प
रामचरितमानस — बालकाण्ड

अभिमान का परिणाम — नारद प्रसंग से शिक्षा?

नारद — अभिमान किया, वानर-मुख मिला, अपमान, शाप दिया, पश्चाताप। शिक्षा — अभिमान सबसे बड़ा शत्रु, सब उपलब्धि ईश्वर कृपा।

बालकाण्डअभिमाननारद
रामचरितमानस — बालकाण्ड

बालकाण्ड में सत्संग की क्या शिक्षा दी गई?

सबसे बड़ा साधन — विवेक देता, मोह नष्ट करता, तीर्थराज समान। 'बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।'

बालकाण्डसत्संगशिक्षा
रामचरितमानस — बालकाण्ड

कलियुग की तुलना किससे की गई बालकाण्ड में?

कालनेमि (कपट की खान) — 'कालनेमि कलि कपट निधानू। नाम सुमति समरथ हनुमानू।' कलियुग में राम नाम ही एकमात्र आधार।

बालकाण्डकलियुगकालनेमि
रामचरितमानस — बालकाण्ड

संतों और असंतों का भेद किन उपमाओं से बताया गया बालकाण्ड में?

संत = हंस, कमल, चन्दन। असंत = उल्लू, जोंक, कौआ। 'संत असंत सदा इसि करनी।'

बालकाण्डसंत असंतहंस उल्लू
रामचरितमानस — बालकाण्ड

गुरु के चरणों की रज की तुलना किससे की गई बालकाण्ड में?

नेत्र का अंजन (काजल) और अमृत-मूल-चूर्ण — 'गुरु पद रज मृदु मंजुल अंजन। नयन लाइ देखिअ मन मंजन' — ज्ञान-दृष्टि देने वाला।

बालकाण्डगुरु चरण रजअंजन
रामचरितमानस — बालकाण्ड

तुलसीदासजी ने सत्संग की तुलना पारस पत्थर से क्यों की?

पारस लोहे को सोना बनाता — वैसे सत्संग अज्ञानी को ज्ञानी। 'बिनु सतसंग बिबेक न होई' — सत्संग बिना विवेक नहीं।

बालकाण्डसत्संगपारस
रामचरितमानस — बालकाण्ड

नारदजी ने भगवान विष्णु को शाप क्यों दिया?

अभिमान तोड़ने को भगवान ने वानर-मुख दिया, स्वयंवर में अपमान, शिवगणों ने हँसी उड़ाई — क्रोध में शाप दिया। कारण — उपहास का अपमान।

बालकाण्डनारद शाप कारणअपमान
रामचरितमानस — बालकाण्ड

कामदेव को शिवजी ने भस्म क्यों किया?

कामदेव ने पंचबाण छोड़कर शिवजी की अखण्ड समाधि भंग की — तीसरा नेत्र खोलकर भस्म किया। कारण — दिव्य तपस्या में विघ्न अपराध।

बालकाण्डकामदहन कारणशिव
रामचरितमानस — बालकाण्ड

राजा जनक ने सीता विवाह में धनुष-शर्त क्यों रखी?

सीताजी बचपन में शिवजी का धनुष खेल-खेल में उठातीं — जनक ने सोचा योग्य वर वही जो तोड़ सके। भूमिजा सीता के लिये दिव्य वर चाहिये।

बालकाण्डजनक शर्तधनुष
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सतीजी ने सीता रूप धारण करके राम की परीक्षा क्यों ली?

संदेह — सर्वव्यापक ब्रह्म मनुष्य कैसे? शिवजी ने मना किया पर नहीं मानीं — यही पतन का कारण।

बालकाण्डसती कारणसंदेह
रामचरितमानस — बालकाण्ड

भगवान राम ने मनुष्य रूप में अवतार क्यों लिया — सबसे सरल उत्तर?

'बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार' — ब्राह्मण, गौ, देवता, संतों की रक्षा। कारण अनन्त हैं।

बालकाण्डअवतार कारणसरल उत्तर
रामचरितमानस — बालकाण्ड

बालकाण्ड में सबसे पहले कौन सी कथा आती है — शिव-सती या पार्वती जन्म?

शिव-सती कथा पहले — पार्वती जन्म बाद में। क्रम: मंगलाचरण → नाम महिमा → याज्ञवल्क्य-भरद्वाज → शिव-सती → दक्ष यज्ञ → सती देहत्याग → पार्वती जन्म → तपस्या → शिव-पार्वती विवाह → रामावतार कारण → राम जन्म।

बालकाण्डकथा क्रमशिव सती
रामचरितमानस — बालकाण्ड

अहल्या का उद्धार कहाँ हुआ?

गौतम ऋषि के आश्रम में — विश्वामित्र यज्ञ से जनकपुर जाते मार्ग में। शिला देखकर मुनि ने कथा सुनाई, रामजी के चरण-स्पर्श से अहल्या प्रकट हुईं।

बालकाण्डअहल्या उद्धार स्थानगौतम आश्रम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सीता-राम विवाह कहाँ हुआ?

जनकपुर (मिथिला) के भव्य विवाह-मण्डप में। चारों भाइयों का विवाह एक मण्डप में वेदविधि से। 'जसि बिबाह कै बिधि श्रुति गाई। महामुनिन्ह सो सब करवाई।'

बालकाण्डविवाह स्थानजनकपुर

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