विस्तृत उत्तर
नहीं — यह चौपाई बालकाण्ड में नहीं है। यह सुन्दरकाण्ड में आती है जब समुद्र भगवान रामजी से कहता है। यह समुद्र के वचन हैं, भगवान या तुलसीदासजी के नहीं। इस चौपाई का सही सन्दर्भ और अर्थ समझना आवश्यक है — यह समुद्र की दृष्टि से कही गयी बात है, रामचरितमानस का सार्वभौमिक सिद्धान्त नहीं।

