विस्तृत उत्तर
भार्गव' और 'रेणुकासुत' दोनों परशुरामजी के नाम हैं।
- ▸भार्गव — भृगु वंश (भृगुकुल) में उत्पन्न होने से 'भार्गव'
- ▸रेणुकासुत — माता रेणुका के पुत्र होने से 'रेणुकासुत'
परशुरामजी जमदग्नि ऋषि और माता रेणुका के पुत्र थे। भृगु ऋषि उनके वंश के मूल पुरुष थे। शिवजी से फरसा (परशु) प्राप्त होने से 'परशुराम' नाम पड़ा।
बालकाण्ड में परशुरामजी धनुष भंग के बाद क्रोधित होकर आये और लक्ष्मणजी से तीखा वाद-विवाद हुआ। अन्त में रामजी को परब्रह्म पहचानकर प्रणाम किया।


