विस्तृत उत्तर
परशुरामजी ने इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियों से विहीन किया था। बालकाण्ड में लक्ष्मणजी-परशुरामजी के संवाद में इसका उल्लेख है।
परशुरामजी ने कहा कि उन्होंने बहुत-से अभिमानी क्षत्रिय राजाओं को मारा है — सहस्रार्जुन (सहस्रबाहु) को भी मारा जिसकी हज़ार भुजाएँ थीं। उनके पिता जमदग्नि ऋषि की हत्या क्षत्रियों ने की थी — इसी के प्रतिशोध में परशुरामजी ने 21 बार पृथ्वी को क्षत्रियविहीन किया।
चौपाई — 'बिस्व बिदित छत्रिय कुल द्रोही' — सारा संसार जानता है कि मैं क्षत्रिय कुल का द्रोही (शत्रु) हूँ। लक्ष्मणजी ने इसपर व्यंग्य किया — 'छत्रिय तनु धरि समर सकाना। कुल कलंकु तेहिं पावँर आना' — क्षत्रिय शरीर धारण करके जो युद्ध से डरा, उसने अपने कुलपर कलंक लगाया।




