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रामचरितमानस — बालकाण्ड⏱ 1 मिनट पठन

'सीय राममय सब जग जानी। करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी'

संक्षिप्त उत्तर

तुलसीदासजी — मंगलाचरण। सम्पूर्ण जगत सीताराममय जानकर प्रणाम। सबसे प्रसिद्ध दोहा।

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विस्तृत उत्तर

तुलसीदासजी ने कहा — मंगलाचरण में। अर्थ — सम्पूर्ण जगत को सीताराममय जानकर दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूँ। रामचरितमानस का सबसे प्रसिद्ध दोहा — सारा संसार भगवान सीताराम से व्याप्त, कोई स्थान खाली नहीं।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

'सीय राममय सब जग जानी। करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी' — किसने कहा और अर्थ को संदर्भ सहित समझें

'सीय राममय सब जग जानी। करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी' — किसने कहा और अर्थ का सबसे सीधा सार यह है: तुलसीदासजी — मंगलाचरण। सम्पूर्ण जगत सीताराममय जानकर प्रणाम। सबसे प्रसिद्ध दोहा।

रामचरितमानस — बालकाण्ड जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड प्रश्नोत्तर
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