विस्तृत उत्तर
बालकाण्ड में सबसे पहले शिव-सती कथा आती है — पार्वती जन्म बाद में।
कथा-क्रम:
- 1मंगलाचरण, नाम महिमा, मानस रचना
- 2याज्ञवल्क्य-भरद्वाज संवाद (प्रयाग में)
- 3शिव-सती प्रसंग (दण्डकवन में राम दर्शन, सती का सीता रूप, शिवजी का मानसिक त्याग)
- 4दक्ष यज्ञ, सती देहत्याग
- 5पार्वती जन्म (हिमवान-मैना के घर)
- 6नारद भविष्यवाणी, पार्वती तपस्या, सप्तर्षि परीक्षा
- 7कामदहन, शिव-पार्वती विवाह
- 8रामावतार के कारण (जय-विजय, नारद, मनु-शतरूपा, प्रतापभानु)
- 9रावण जन्म-अत्याचार, पृथ्वी पुकार
- 10राम जन्म → अन्त तक
इस प्रकार शिव-सती कथा पहले आती है और सती के देहत्याग के बाद पार्वती का जन्म होता है।





