शिव-सती-पार्वती कथासती ने दूसरा जन्म किसके घर लियासती ने दूसरा जन्म हिमनरेश हिमवान और रानी मेना के घर पार्वती के रूप में लिया। पर्वतराज की पुत्री होने से 'पार्वती' नाम पड़ा। जन्म के समय नारदजी ने भविष्यवाणी की कि ये शिव की पत्नी बनेंगी।#पार्वती जन्म#हिमवान#मेना
रामचरितमानस — बालकाण्डबालकाण्ड में सबसे पहले कौन सी कथा आती है — शिव-सती या पार्वती जन्म?शिव-सती कथा पहले — पार्वती जन्म बाद में। क्रम: मंगलाचरण → नाम महिमा → याज्ञवल्क्य-भरद्वाज → शिव-सती → दक्ष यज्ञ → सती देहत्याग → पार्वती जन्म → तपस्या → शिव-पार्वती विवाह → रामावतार कारण → राम जन्म।
रामचरितमानस — बालकाण्डसतीजी ने पुनर्जन्म किसके घर लिया?सतीजी ने हिमवान (हिमालय/पर्वतराज) के घर माता मैना की कोख से पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया। नारदजी ने उनका नाम बताया — उमा, अम्बिका, भवानी — और कहा कि ये सब गुणों की खान हैं।#बालकाण्ड#पार्वती जन्म#हिमवान