विस्तृत उत्तर
सती के पुनर्जन्म की यह कथा शिव पुराण के रुद्र संहिता के पार्वती खंड में विस्तार से वर्णित है।
पुनर्जन्म — सती ने देह त्याग करते समय संकल्प किया था कि वे जन्म-जन्मांतर शिव की अर्धांगिनी बनी रहेंगी। इसी संकल्प के फलस्वरूप सती ने अगले जन्म में हिमनरेश हिमवान (हिमालय) और रानी मेना के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया।
पार्वती नाम — पर्वतराज हिमवान की पुत्री होने के कारण उनका नाम 'पार्वती' पड़ा। उनकी माता मेना ने उनकी तपस्या रोकते हुए 'उ! मा!' (ओ! मत करो!) कहा था — इसीलिए 'उमा' नाम भी प्रसिद्ध हुआ।
जन्म पर भविष्यवाणी — शिव पुराण के अनुसार जब पार्वती का जन्म हुआ तब नारदजी ने हिमवान के घर आकर भविष्यवाणी की कि यह कन्या भगवान शिव की ही पत्नी बनेगी। पार्वती बचपन से ही शिवभक्त थीं।





