विस्तृत उत्तर
यह शिव पुराण की एक अत्यंत रोचक और प्रतीकात्मक घटना है।
कारण — जब वीरभद्र ने दक्ष का सिर काटा तो वह सिर यज्ञाग्नि में जल गया। इसलिए जब ब्रह्मा-विष्णु की प्रार्थना पर शिव ने दक्ष को पुनर्जीवित करने का निश्चय किया, तब दक्ष का मूल मानव सिर उपलब्ध नहीं था। तब दक्ष के धड़ पर बकरे का सिर जोड़कर उन्हें जीवनदान दिया गया।
प्रतीकात्मक अर्थ — बकरे का सिर 'पशु-बुद्धि' का प्रतीक है। दक्ष ने अहंकार और पशु-वृत्ति के वशीभूत होकर शिव का अपमान किया था। बकरे के सिर के साथ पुनर्जीवन यह दर्शाता है कि दक्ष की पशुवृत्ति ही उनके पतन का कारण थी।
यज्ञ पूर्ण — बकरे के सिर के साथ जीवित हुए दक्ष ने शिव को प्रणाम किया और यज्ञ पूर्ण किया। सभी देवता और ऋषि-मुनि अपने-अपने स्थान को लौट गए। इस प्रकार सती-खंड की कथा का समापन हुआ।





