विस्तृत उत्तर
नारदजी ने पार्वतीजी के जन्म और उनके गुणों के बारे में समाचार सुना तो कौतुकवश (जिज्ञासा से) हिमाचल के घर पधारे।
चौपाई — 'नारद समाचार सब पाए। कौतुकहीं गिरि गेह सिधाए। सैलराज बड़ आदर कीन्हा। पद पखारि बर आसनु दीन्हा॥'
इसका अर्थ — जब नारदजीने ये सब समाचार सुने तो वे कौतुकहीसे हिमाचलके घर पधारे। पर्वतराजने उनका बड़ा आदर किया और चरण धोकर उत्तम आसन दिया।
नारदजी का आगमन भगवान की योजना का अंश था — उन्होंने आकर पार्वतीजी का हाथ देखा, उनके भविष्य की भविष्यवाणी की और शिवजी को पाने के लिये तपस्या का उपाय बताया।


