विस्तृत उत्तर
सुनटनर्तक अवतार शिव पुराण में वर्णित भगवान शिव के प्रमुख अवतारों में से एक है। इस अवतार की कथा पार्वती के विवाह-प्रसंग से जुड़ी है।
कथा — पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनसे विवाह करने का निश्चय किया। परंतु हिमनरेश हिमवान से सीधे विवाह का प्रस्ताव रखने के स्थान पर शिव ने एक लीला रची। वे डमरू हाथ में लेकर नट (नर्तक) का वेश धारण करके हिमवान के राजदरबार में पहुँचे।
नृत्य — शिव ने इतना सुंदर, मनोहर और दिव्य नृत्य किया कि राजदरबार में उपस्थित सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। स्वयं हिमवान अत्यंत प्रसन्न हुए और नटराज से भिक्षा मांगने को कहा।
भिक्षा की मांग — नटराज-वेशधारी शिव ने भिक्षा में पार्वती का हाथ मांग लिया। इस पर हिमवान क्रोधित हुए और उन्होंने नटराज को वहाँ से निकाल दिया। कुछ समय पश्चात शिव ने पार्वती को अपना वास्तविक रूप दिखाया और वहाँ से चले गए। उनके जाने पर हिमवान और रानी मेना को दिव्य ज्ञान हुआ और उन्होंने पार्वती को शिव को देने का निश्चय किया। इस प्रकार इस दिव्य लीला से शिव-पार्वती विवाह का मार्ग प्रशस्त हुआ।





