विस्तृत उत्तर
कौसिक' और 'गाधिसुत' दोनों विश्वामित्रजी के नाम हैं।
- ▸कौसिक — कुशिक वंश में उत्पन्न होने से 'कौसिक' (कुशिक + इक)
- ▸गाधिसुत — गाधि राजा के पुत्र होने से 'गाधिसुत' (गाधि का सुत/पुत्र)
बालकाण्ड में — 'गाधिसूनु सब कथा सुनाई। जेहि प्रकार सुरसरि महि आई' — महाराज गाधिके पुत्र विश्वामित्रजीने वह सब कथा कह सुनायी जिस प्रकार देवनदी गंगाजी पृथ्वीपर आयी थीं।
विश्वामित्रजी पहले क्षत्रिय राजा थे — कठोर तपस्या करके ब्रह्मर्षि पद प्राप्त किया। वे राम-लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा के लिये दशरथ से माँगकर ले गये।
