विस्तृत उत्तर
सनातन धर्म में प्रत्येक शुभ कार्य गणेश वन्दना से आरम्भ होता है क्योंकि गणेश विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता हैं।
शुभारम्भ के प्रमुख मंत्र
1श्री गणेश वन्दना
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥'
2गणेश बीज मंत्र
'ॐ गं गणपतये नमः'
3ऋग्वेद से गणपति प्रार्थना
ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे कविं कवीनामुपमश्रवस्तमम्।
ज्येष्ठराजं ब्रह्मणां ब्रह्मणस्पत आ नः शृण्वन्नूतिभिः सीद सादनम्॥'
4सरस्वती वन्दना (विद्या/ज्ञान सम्बन्धित कार्य हेतु)
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥'
5सर्वकार्य सिद्धि मंत्र
ॐ श्री गणेशाय नमः। सर्वविघ्नोपशान्तये सर्वकार्यसिद्धये नमः॥
6शुभ लाभ मंत्र
शुभं करोतु कल्याणम् आरोग्यं धनसम्पदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥'
विधि
- ▸कार्य आरम्भ से पूर्व एकाग्र मन से गणेश जी का ध्यान करें।
- ▸'ॐ गं गणपतये नमः' 11 या 21 बार जपें।
- ▸सम्भव हो तो दीपक जलाएँ।
- ▸शुभ मुहूर्त में कार्य आरम्भ करना उत्तम।





