विस्तृत उत्तर
दूर्वा (दूब घास) गणेश को सर्वप्रिय:
पौराणिक कथा
अनलासुर नामक राक्षस को गणेश ने निगल लिया — अग्नि के ताप से गणेश का शरीर जलने लगा। 88,000 ऋषियों ने दूर्वा अर्पित की — शीतलता मिली। तभी से दूर्वा = गणेश प्रिय।
संख्या
- ▸21 दूर्वा — सर्वप्रचलित (21 = गणेश अंक)।
- ▸3 या 5 पत्ती वाली गांठ (गंडूला/जोड़ी)।
- ▸101 दूर्वा — विशेष पूजा।
नियम: ताजी हरी दूर्वा — सूखी/पीली नहीं। जड़ सहित = सर्वोत्तम। तीन पत्ती वाली = सर्वश्रेष्ठ।





