विस्तृत उत्तर
जप में हंसी = सकारात्मक (सामान्यतः):
कारण
- 1आनंद: गहन जप = भक्ति आनंद → स्वाभाविक हंसी। 'सच्चिदानंद' = आनंद स्वरूप।
- 2तनाव मुक्ति: दबा हुआ तनाव release → हंसी (जैसे रोना = भी release)।
- 3ऊर्जा प्रवाह: कुंडलिनी/प्राण = शरीर में तीव्र → भावनात्मक release → हंसी।
- 4अनाहत चक्र: हृदय चक्र खुलना = आनंद/हंसी/रोना — सभी संभव।
क्या करें: रोकें नहीं — स्वाभाविक अनुभव। कुछ क्षण बाद = शांत हो जाएगी → जप जारी।
सावधानी: यदि नियमित/अनियंत्रित → गुरु परामर्श। सामान्यतः = शुभ।





