विस्तृत उत्तर
मंत्र जप या ध्यान के समय उबासी (यॉनिंग) आना साधकों के बीच एक बहुत ही सामान्य और स्वाभाविक अनुभव है।
तमो गुण का निष्कासन — आध्यात्मिक दृष्टि से उबासी आने का अर्थ है कि शरीर से 'तमो गुण' (आलस्य, अज्ञान और नकारात्मकता) बाहर निकल रहा है। पवित्र ध्वनियां शरीर में प्रवेश कर दबी हुई थकान को बाहर धकेलती हैं।
शारीरिक कारण — गहरी एकाग्रता के समय शरीर शिथिल हो जाता है और सांसों की गति धीमी पड़ जाती है। मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह संतुलित करने के लिए शरीर स्वतः ही उबासी लेने की प्रतिक्रिया करता है।
क्या करें — उबासी आने पर साधक को घबराना या जप रोकना नहीं चाहिए। इसे एक आंतरिक सफाई की प्रक्रिया मानकर अपने इष्ट देव पर ध्यान बनाए रखना चाहिए। निरंतर अभ्यास से यह स्वतः बंद हो जाती है।





