विस्तृत उत्तर
जप में शारीरिक कंपन — डरने की आवश्यकता नहीं:
कारण (सकारात्मक)
- 1मंत्र ध्वनि resonance: 'ॐ'/बीज मंत्र = ध्वनि तरंगें → शरीर में कंपन।
- 2कुंडलिनी गति: नियमित जप = कुंडलिनी शक्ति सक्रिय → कंपन/गर्मी/झनझनाहट।
- 3चक्र जागरण: विशेषतः मूलाधार/आज्ञा/सहस्रार।
- 4प्राणवायु प्रवाह: गहन जप = प्राण बढ़ा → कंपन।
कारण (सामान्य/शारीरिक)
- ▸लंबा बैठना = रक्त प्रवाह।
- ▸गहन श्वास = ऑक्सीजन।
- ▸मांसपेशी तनाव/शिथिलता।
क्या करें
- ▸डरें नहीं — शांत रहें, जप जारी।
- ▸अत्यधिक = रोकें, गहरी सांसें, आंखें खोलें।
- ▸नियमित अभ्यास = कंपन कम होता जाता है।
- ▸लंबे समय/तीव्र = गुरु परामर्श।





