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मंत्र जप अनुभव📜 योग शास्त्र, साधना अनुभव1 मिनट पठन

मंत्र जप करते समय ठंडक का अनुभव होना शुभ है या नहीं?

संक्षिप्त उत्तर

शुभ। इड़ा (चंद्र/शीतल) नाड़ी, सहस्रार (अमृत), देवता उपस्थिति, शिव=चंद्रधर=शीतल। गर्मी = अग्नि/कुंडलिनी (भी शुभ)। शांत रहें, अहंकार नहीं।

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विस्तृत उत्तर

ठंडक/शीतलता = शुभ संकेत:

  1. 1चंद्र नाड़ी (इड़ा): शीतल ऊर्जा प्रवाहित = शांति, ध्यान गहन।
  2. 2सहस्रार चक्र: मस्तक पर ठंडक = सहस्रार सक्रिय — अमृत अनुभव।
  3. 3देवता उपस्थिति: दिव्य शीतलता = देवता निकट (विशेषतः शिव/चंद्र)।
  4. 4'ॐ' / शिव मंत्र: शिव = चंद्रधर = शीतल → शिव मंत्र = ठंडक स्वाभाविक।

बनाम गर्मी: गर्मी = अग्नि/कुंडलिनी/सूर्य — तीव्र ऊर्जा। ठंडक = चंद्र/शांति — सौम्य ऊर्जा। दोनों शुभ।

सार: ठंडक = शुभ। शांत रहें, अनुभव करें, अहंकार नहीं।

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शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, साधना अनुभव
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