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मंत्र जप अनुभव📜 योग शास्त्र, कुंडलिनी विज्ञान1 मिनट पठन

मंत्र जप करते समय शरीर में गर्मी महसूस होने का कारण क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

कुंडलिनी जागरण, बीज मंत्र अग्नि तत्व, 'तप'=आंतरिक अग्नि। शारीरिक: metabolism, रक्त प्रवाह। शुभ संकेत। अत्यधिक: ठंडा जल, चंदन, 'ॐ शांति'।

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विस्तृत उत्तर

जप में शारीरिक गर्मी — कारण:

आध्यात्मिक

  1. 1कुंडलिनी जागरण: मूलाधार → ऊपर = ऊष्मा। सकारात्मक संकेत।
  2. 2मंत्र ऊर्जा: बीज मंत्र (क्रीं/ह्रीं/हूं) = अग्नि तत्व → गर्मी।
  3. 3तपस: 'तप' = गर्मी/तपस्या। जप = तप = आंतरिक अग्नि।

शारीरिक

  • चयापचय (metabolism) बढ़ना।
  • रक्त प्रवाह तीव्र (गहन एकाग्रता)।
  • श्वास पैटर्न बदलना।

क्या करें: घबराएं नहीं — शुभ। अत्यधिक हो: ठंडा जल पिएं, विश्राम। चंदन लेप। शांत मंत्र ('ॐ शांति') जपें।

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शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, कुंडलिनी विज्ञान
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