विस्तृत उत्तर
जप में शारीरिक गर्मी — कारण:
आध्यात्मिक
- 1कुंडलिनी जागरण: मूलाधार → ऊपर = ऊष्मा। सकारात्मक संकेत।
- 2मंत्र ऊर्जा: बीज मंत्र (क्रीं/ह्रीं/हूं) = अग्नि तत्व → गर्मी।
- 3तपस: 'तप' = गर्मी/तपस्या। जप = तप = आंतरिक अग्नि।
शारीरिक
- ▸चयापचय (metabolism) बढ़ना।
- ▸रक्त प्रवाह तीव्र (गहन एकाग्रता)।
- ▸श्वास पैटर्न बदलना।
क्या करें: घबराएं नहीं — शुभ। अत्यधिक हो: ठंडा जल पिएं, विश्राम। चंदन लेप। शांत मंत्र ('ॐ शांति') जपें।





