मंत्र जप अनुभवमंत्र जप करते समय ठंडक का अनुभव होना शुभ है या नहीं?शुभ। इड़ा (चंद्र/शीतल) नाड़ी, सहस्रार (अमृत), देवता उपस्थिति, शिव=चंद्रधर=शीतल। गर्मी = अग्नि/कुंडलिनी (भी शुभ)। शांत रहें, अहंकार नहीं।#ठंडक#अनुभव#जप
मंत्र साधनाक्रोध कम करने का शिव मंत्रक्रोध और मानसिक ताप को शांत करने के लिए 'ॐ शान्ताय नमः' या जल को अभिमंत्रित कर 'ॐ नमः शिवाय' का प्रयोग करना चाहिए। यह शरीर के अग्नि तत्व को शांत करता है।#क्रोध नियंत्रण#शिव#चंद्रमा
लोकतलातल का प्रकाश चंद्रमा जैसा कैसे है?तलातल का प्रकाश चंद्रमा जैसा उज्ज्वल है, पर उसमें कष्टकारी शीतलता नहीं है।#तलातल प्रकाश#चंद्रमा#शीतलता
चन्द्रशेखर स्तुति परिचयशिव के मस्तक पर चन्द्रमा क्यों है?विषपान के बाद शीतलता प्राप्त करने के लिए शिव ने चन्द्रमा को मस्तक पर धारण किया — यह सिद्ध करता है कि शिव का चन्द्रमा (मन) और कालचक्र पर पूर्ण नियंत्रण है।#शिव चन्द्रमा#विषपान#शीतलता
मंदिर रहस्यमंदिर में भगवान को चंदन लगाने की विधि क्या है?चन्दन विधि: शिला पर जल+मंत्र से घिसें → शिवलिंग: त्रिपुण्ड्र (अनामिका से), विष्णु: ऊर्ध्वपुण्ड्र (U), देवी: बिन्दु। मंत्र: 'श्रीखण्डं चन्दनं दिव्यं...' श्वेत=सर्वदेव, लाल=हनुमान/देवी। शीतलता प्रदान। घिसा हुआ = सर्वोत्तम।#चंदन#तिलक#लेपन
तंत्र सामग्रीतंत्र साधना में चन्दन लेपन का क्या उपयोग हैचन्दन लेपन: (1) शरीर — शीतलता, पवित्रता, रक्षा (ललाट/हृदय/नाभि)। (2) यंत्र लेखन — सात्विक ऊर्जा वाहक। (3) मूर्ति अभिषेक। (4) ध्यान एकाग्रता — आज्ञा चक्र तिलक। (5) रक्षा कवच। श्वेत = सात्विक (विष्णु), लाल = शक्ति (दुर्गा/काली)। आयुर्वेद: शीतल, पित्तशामक।#चन्दन#लेपन#तंत्र
माला विधिचंदन माला पहनने के फायदे?चंदन=शीतलता, शांति, सुगंध, ध्यान। सभी देवता प्रिय। 108+1, कोई भी दिन। सबके लिए — प्रतिबंध नहीं।#चंदन माला#शीतलता