विस्तृत उत्तर
चन्दन (गन्ध) लगाना षोडशोपचार पूजा का नवाँ उपचार है — 'गन्धं समर्पयामि':
विधि
- 1चन्दन तैयारी: शुद्ध चन्दन की लकड़ी को शिला (पत्थर) पर जल/गंगाजल के साथ घिसें। घिसते समय 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ नमो नारायणाय' जपें।
- 1लेपन विधि — शिवलिंग: अनामिका अंगुली से शिवलिंग पर चन्दन लेपन। तीन क्षैतिज रेखाएँ (त्रिपुण्ड्र) या सम्पूर्ण लिंग पर लेपन।
- 1विष्णु मूर्ति: माथे पर ऊर्ध्वपुण्ड्र (U-आकार) तिलक। मध्य में कुंकुम बिन्दु। भुजाओं, वक्ष पर भी चन्दन।
- 1देवी मूर्ति: माथे पर बिन्दु या गोल तिलक। कुंकुम/सिन्दूर के साथ।
मंत्र: 'श्रीखण्डं चन्दनं दिव्यं गन्धाढ्यं सुमनोहरम्। विलेपनं सुरश्रेष्ठ चन्दनं प्रतिगृह्यताम्।'
चन्दन प्रकार: श्वेत चन्दन (सर्वदेव), लाल चन्दन (हनुमान, देवी), केसर मिश्रित (विष्णु विशेष)।
शीतलता: चन्दन = शीतल (cooling)। देवता को शीतलता प्रदान। विशेषतः ग्रीष्म ऋतु में चन्दन लेपन = सर्वोच्च सेवा।
विशेष: चन्दन कभी बासी नहीं होता। शिला पर घिसा हुआ चन्दन = सर्वोत्तम। बाजारू चन्दन पाउडर/पेस्ट = अशुद्ध हो सकता है।





