ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
मंदिर📜 स्कंद पुराण, शिव पुराण, विष्णु पुराण, आगम शास्त्र2 मिनट पठन

मंदिर में तिलक क्यों लगाया जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

तिलक क्यों: स्कंद पुराण: तिलक बिना पूजा अफल। आगम शास्त्र: आज्ञाचक्र (भौहों के बीच) सक्रियण = देवता-ऊर्जा ग्रहण। परिचय: U आकार = वैष्णव, तीन रेखाएँ = शैव, लाल बिंदु = शाक्त। भस्म/चंदन = सुरक्षा-कवच। चंदन = शीतलता → एकाग्रता।

📖

विस्तृत उत्तर

मंदिर में तिलक लगाने का आध्यात्मिक और ऊर्जा-संबंधी आधार आगम शास्त्रों और पुराणों में वर्णित है।

शास्त्रीय आधार

स्कंद पुराण: 'तिलकेन विना यस्तु पूजां करोति दुर्मतिः। अफलं तस्य तत्सर्वं प्रतिगृह्णाति केशवः।' — तिलक के बिना पूजा करने वाले का फल नष्ट होता है।

तिलक क्यों लगाते हैं

1आज्ञाचक्र का सक्रियण

आगम शास्त्र: मस्तक का मध्य-बिंदु (भौहों के बीच) = आज्ञाचक्र। यह बिंदु देवता-ऊर्जा ग्रहण का केंद्र है। तिलक लगाना = इस केंद्र को सक्रिय करना।

2देवता-पहचान

विष्णु पुराण: तिलक का आकार देवता-परिचय देता है:

  • ऊर्ध्व-पुंड्र (U आकार) = वैष्णव
  • त्रिपुंड्र (तीन रेखाएँ) = शैव
  • लाल बिंदु = शाक्त

3सुरक्षा-कवच

शिव पुराण: भस्म का त्रिपुंड्र = शिव-सुरक्षा। चंदन का तिलक = विष्णु-सुरक्षा। यह नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है।

4मंगल-भाव

तिलक = मांगलिक प्रारंभ का संकेत। किसी कार्य से पूर्व तिलक = देवता का आशीर्वाद ग्रहण।

5शीतलता और एकाग्रता

चंदन तिलक = मस्तक को शीतल रखता है → एकाग्रता बढ़ती है। यह ध्यान में सहायक।

📜
शास्त्रीय स्रोत
स्कंद पुराण, शिव पुराण, विष्णु पुराण, आगम शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

मंदिरतिलकआज्ञाचक्रभस्मचंदन

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मंदिर में तिलक क्यों लगाया जाता है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको मंदिर से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर स्कंद पुराण, शिव पुराण, विष्णु पुराण, आगम शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।