विस्तृत उत्तर
मंदिर में वर्जित कार्यों का विस्तृत विधान मनुस्मृति, धर्मसिंधु और आगम शास्त्रों में दिया गया है।
मंदिर में निषिद्ध कार्य
1आचरण-संबंधी
- ▸जोरदार बातें करना — मंदिर में मौन या मंद वाणी अनिवार्य
- ▸मोबाइल फोन का उपयोग — आगम शास्त्र-भावना: मंदिर = देव-निवास, न सार्वजनिक स्थान
- ▸फोटो/वीडियो — कुछ मंदिरों में विशेषतः गर्भगृह में निषिद्ध
- ▸दौड़ना — मंदिर में धीरे चलें
- ▸पीठ दिखाना — देवता की ओर पीठ करके न मुड़ें
2पूजा-संबंधी
- ▸बाएँ हाथ से अर्पण — सदा वर्जित
- ▸जूठी वस्तु अर्पण — आगम शास्त्र: जूठा = अशुद्ध
- ▸देवता-निषेध वस्तु चढ़ाना — तुलसी शिव को, केवड़ा किसी को नहीं
- ▸टूटे/मुरझाए पुष्प — वर्जित
- ▸अधूरी परिक्रमा — बीच में रोकना अशुभ
3शारीरिक-स्थिति
- ▸मनुस्मृति: सूतक (जन्म), पातक (मृत्यु) अशौच में मंदिर वर्जित
- ▸अत्यधिक क्रोध, उत्तेजना में मंदिर न जाएँ
4वित्त-व्यवहार
- ▸धर्मसिंधु: मंदिर-परिसर में सौदेबाज़ी, झगड़ा वर्जित
- ▸मंदिर-परिसर में भोजन, तंबाकू निषिद्ध
5गर्भगृह में
- ▸अधिक देर न रोकें यदि भक्त प्रतीक्षारत हों
- ▸पुजारी की अनुमति के बिना विग्रह को न छुएँ
विष्णु स्मृति: 'यः पूजयेद् अशुचिः।' — अशुद्ध व्यक्ति की पूजा निष्फल है।





