ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

चंदन से जुड़े सभी प्रश्न(15)

चंदन पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 15 प्रश्न उपलब्ध हैं।

अंतिम संस्कार

चंदन की लकड़ी से दाह संस्कार का विशेष महत्व?

चंदन = सर्वश्रेष्ठ (दिव्य सुगंध, शीतलता, पाप क्षय)। क्रम: चंदन>तुलसी>पलाश>आम>पीपल। पूर्ण चंदन चिता महँगी — कुछ टुकड़े भी शुभ। विद्युत शवदाह भी मान्य।

#चंदन#दाह संस्कार#चिता
पूजा विधि एवं कर्मकांड

पूजा में गंध अर्पित करने का महत्व

गंध अर्पण षोडशोपचार का नौवाँ उपचार है जिसमें चंदन, अष्टगंध या इत्र अर्पित किया जाता है। शास्त्रों में इससे पुण्य प्राप्ति और यश-कीर्ति का विस्तार बताया गया है। 'गंधं विलेपयामि' मंत्र के साथ देवता को चंदन लगाएँ।

#गंध#चंदन#सुगंध
पूजा विधि एवं कर्मकांड

चंदन तिलक कैसे बनाएं और कैसे लगाएं

चंदन की लकड़ी को पत्थर पर जल से घिसकर पेस्ट बनाएँ। अनामिका अंगुली से माथे के आज्ञाचक्र पर लगाएँ। 'ॐ चंदनस्य महत्पुण्यं...' मंत्र के साथ लगाना शुभ माना गया है।

#चंदन तिलक#तिलक बनाने की विधि#चंदन
शिव पूजा विधि

शिवलिंग पर केसर चढ़ाने से क्या विशेष लाभ मिलता है?

केसर को चंदन में मिलाकर 'गंधोदक' बनाकर शिवलिंग पर लगाएं (रुद्राभिषेक विधि)। लाभ: आर्थिक समृद्धि, दरिद्रता नाश, वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति, गुरु ग्रह बल, मानसिक शांति। शुद्ध केसर + चंदन ही प्रयोग करें। हल्दी वर्जित है लेकिन केसर शिव-प्रिय है।

#केसर#शिवलिंग#चंदन
माला नियम

चंदन माला से जप करने का क्या विशेष लाभ है?

शीतलता (शांति), सुगंध (एकाग्रता), सात्विक (सर्वदेवता), आयुर्वेद (पित्त↓, मस्तिष्क शांत)। विष्णु/शिव विशेष। श्वेत=शिव/विष्णु, लाल=देवी/गणेश। सूखी जगह रखें।

#चंदन#माला#लाभ
लोक

तलातल में कौन-कौन से सुगंधित लेप प्रयोग होते हैं?

तलातल में अगरु, कुमकुम, चंदन और दुर्लभ विलेपनों का प्रयोग होता है।

#तलातल#सुगंधित लेप#अगरु
लोक

तलातल की वायु सुवासित क्यों रहती है?

दानव और दैत्य कन्याओं के अगरु, कुमकुम, चंदन और दुर्लभ विलेपनों से तलातल की वायु सुवासित रहती है।

#तलातल वायु#सुगंध#अगरु
पूजा सामग्री

चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ में दीप कैसा जलाएं?

चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ में शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं और चंदन या सुगंधित धूप का उपयोग करें।

#घी का दीपक#सुगंधित धूप#चंदन
अंत्येष्टि संस्कार

दाह संस्कार में कौन सी लकड़ी प्रयोग करें

चंदन (सर्वश्रेष्ठ — कुछ टुकड़े), आम (सर्वाधिक प्रचलित), पीपल, बरगद, शीशम। वर्जित (कुछ में): नीम, तुलसी। व्यावहारिक: सूखी आम लकड़ी = सर्वमान्य। क्षेत्र/कुल अनुसार भिन्न।

#लकड़ी#दाह संस्कार#चंदन
मंदिर रहस्य

मंदिर में भगवान को चंदन लगाने की विधि क्या है?

चन्दन विधि: शिला पर जल+मंत्र से घिसें → शिवलिंग: त्रिपुण्ड्र (अनामिका से), विष्णु: ऊर्ध्वपुण्ड्र (U), देवी: बिन्दु। मंत्र: 'श्रीखण्डं चन्दनं दिव्यं...' श्वेत=सर्वदेव, लाल=हनुमान/देवी। शीतलता प्रदान। घिसा हुआ = सर्वोत्तम।

#चंदन#तिलक#लेपन
मंदिर

मंदिर में तिलक क्यों लगाया जाता है?

तिलक क्यों: स्कंद पुराण: तिलक बिना पूजा अफल। आगम शास्त्र: आज्ञाचक्र (भौहों के बीच) सक्रियण = देवता-ऊर्जा ग्रहण। परिचय: U आकार = वैष्णव, तीन रेखाएँ = शैव, लाल बिंदु = शाक्त। भस्म/चंदन = सुरक्षा-कवच। चंदन = शीतलता → एकाग्रता।

#मंदिर#तिलक#आज्ञाचक्र
पूजा रहस्य

पूजा में तिलक क्यों लगाया जाता है?

तिलक क्यों: आज्ञा चक्र (तीसरा नेत्र) पर दबाव — एकाग्रता बढ़ती है। इष्ट देव का चिह्न — वैष्णव: ऊर्ध्वपुंड्र; शैव: त्रिपुंड्र; शाक्त: कुमकुम। मंगल और सुरक्षा। वैज्ञानिक: चंदन शीतल, कुमकुम एंटीसेप्टिक।

#तिलक#चंदन#कुमकुम
पूजा रहस्य

पूजा में चंदन क्यों लगाया जाता है?

चंदन क्यों: पृथ्वी तत्व की गंध का अर्पण। 'चंदनं विष्णुप्रियम्' (विष्णु पुराण)। शीतलता और सात्विकता का प्रतीक। वैज्ञानिक: मस्तक पर चंदन से शांति। श्वेत चंदन — विष्णु-शिव; गोरोचन — देवी।

#चंदन#गंध#शीतल
शिव पूजा सामग्री

शिव की पूजा में चंदन का तिलक लगाना चाहिए या भस्म का?

शैव परंपरा: भस्म (विभूति) त्रिपुंड प्रधान — शिव = भस्मधारी। चंदन भी शुभ (शीतलता, शांति)। दोनों मिलाकर भी मान्य। शिवलिंग पर सिंदूर/हल्दी/कुमकुम वर्जित।

#चंदन#भस्म#तिलक
मंत्र विधि

मंत्र जप में चंदन का तिलक लगाएं या कुमकुम का?

चंदन: विष्णु/कृष्ण/राम (ऊर्ध्वपुंड्र), शांति/ज्ञान। कुमकुम/सिंदूर: देवी/गणेश/हनुमान, शक्ति। भस्म: शिव (त्रिपुंड्र)। संदेह में चंदन = सर्वमान्य। कुल परंपरा अनुसार।

#चंदन#कुमकुम#तिलक
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।