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शिव पूजा सामग्री📜 शिव पुराण, शैव परंपरा1 मिनट पठन

शिव की पूजा में चंदन का तिलक लगाना चाहिए या भस्म का?

संक्षिप्त उत्तर

शैव परंपरा: भस्म (विभूति) त्रिपुंड प्रधान — शिव = भस्मधारी। चंदन भी शुभ (शीतलता, शांति)। दोनों मिलाकर भी मान्य। शिवलिंग पर सिंदूर/हल्दी/कुमकुम वर्जित।

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विस्तृत उत्तर

शिव पूजा में चंदन और भस्म दोनों शुभ हैं — किन्तु शैव परंपरा में भस्म (विभूति) प्रधान है:

भस्म (विभूति) — शैव परंपरा

  • शिव = भस्मधारी, श्मशानवासी — भस्म शिव का प्राथमिक आभूषण।
  • त्रिपुंड (तीन समानांतर रेखाएं) ललाट पर — शैव पहचान।
  • शिव पुराण: भस्म = मृत्यु का अंतिम सत्य, वैराग्य।
  • सावन, शिवरात्रि, प्रदोष पर भस्म विशेष शुभ।

चंदन — सामान्य/सात्विक

  • श्वेत चंदन = शीतलता, शांति।
  • चंदन का तिलक भी शिव को प्रिय — विशेषतः ग्रीष्म में।
  • चंदन + भस्म मिलाकर भी लगा सकते हैं।

नियम

  • शिवलिंग पर: चंदन (लेप) — शिवलिंग पर भस्म लगाना भी सही।
  • ललाट पर: त्रिपुंड (भस्म) = शैव, चंदन तिलक = सामान्य भक्त।
  • शिवलिंग पर सिंदूर/हल्दी/कुमकुम वर्जित (ये देवी पूजा सामग्री)।

सार: शुद्ध शैव परंपरा = भस्म त्रिपुंड। सामान्य भक्त = चंदन भी शुभ। दोनों एक साथ भी मान्य।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, शैव परंपरा
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