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पूजा रहस्य📜 विष्णु पुराण, स्कंद पुराण — चंदन महत्व, आयुर्वेद1 मिनट पठन

पूजा में चंदन क्यों लगाया जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

चंदन क्यों: पृथ्वी तत्व की गंध का अर्पण। 'चंदनं विष्णुप्रियम्' (विष्णु पुराण)। शीतलता और सात्विकता का प्रतीक। वैज्ञानिक: मस्तक पर चंदन से शांति। श्वेत चंदन — विष्णु-शिव; गोरोचन — देवी।

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विस्तृत उत्तर

चंदन का महत्व विष्णु पुराण और स्कंद पुराण में वर्णित है:

1गंध तत्व का अर्पण

पंचभूतों में पृथ्वी तत्व का गुण गंध है। चंदन — श्रेष्ठ गंध — पृथ्वी तत्व का देव को अर्पण।

2विष्णु प्रिय

विष्णु पुराण: 'चंदनं विष्णुप्रियम्' — चंदन विष्णु को अत्यंत प्रिय है।

3शीतलता का प्रतीक

चंदन शीतल होता है। देव को चंदन लगाना — शीतल-सात्विक भाव से पूजा।

4वैज्ञानिक

चंदन में एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल गुण। मस्तक पर चंदन लगाने से शांति और शीतलता।

5मूर्ति का श्रृंगार

चंदन मूर्ति के श्रृंगार का प्रथम तत्व है।

देवता अनुसार चंदन

  • श्वेत चंदन — विष्णु, शिव
  • गोरोचन चंदन — देवी
  • केसर मिश्रित — विशेष पूजा
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शास्त्रीय स्रोत
विष्णु पुराण, स्कंद पुराण — चंदन महत्व, आयुर्वेद
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